seat number :क्यों लिखते हैं सीट नम्बर के आगे ‘A’

seat number

-रेल संदेश डेस्क-
बीकानेर। आप अक्सर ट्रेन में सफर करते हैं और ट्रेन की टिकट (seat number) को देखकर ही समझ जाते हैं कि आपकी सीट कौनसी है। जैसे जब आपकी ट्रेन में विंडो सीट होती है तो उसके लिए W  का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह सीटों के लिए कई और शॉर्ट फॉर्म होती है। इसमें सबसे ज्यादा लोग इंटरनेट पर A वर्ड की चर्चा करते हैं और पूछते हैं कि जिस सीट नंबर (seat number) के आगे A लिखा होता है, वो कौनसी सीट होती है। ऐसे में आज हम आपको बता देते हैं कि A किस सीट  (seat number) के लिए लिखा जाता है और अन्य सीटों के लिए भी क्या क्या लिखा जाता है।
A किस सीट के लिए लिखा जाता है?- पैसेंजर और चेयरकार वाली अलग ट्रेन होती है। रेलवे की ओर से कई ट्रेन ऐसे चलाई जाती हैं, जिनमें सिर्फ बैठने के लिए सीटें होती है। इस ट्रेन में सोकर यात्रा नहीं की जा सकती है। इन ट्रेनों में बस की तरह तीन-तीन या दो-दो सीटों की लाइनें होती हैं और जिसमें यात्री बैठकर यात्रा करते हैं। ऐसी ही सीटें डबल डेकर ट्रेन में भी होती है. ऐसे में जो तीन सीट लाइन वाइज होती है, उसमें विंडो की तरफ से पहले सीट ‘विंडो सीट’ कहलाती है, जिसके लिए W का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बाद विंडो सीट से अलग सीट मिडिल सीट होती है, जिसके लिए M  का इस्तेमाल किया जाता है। इसके पास में आखिरी जो सीट होती है उसे ASile सीट कहते हैं, जो एकदम कॉर्नर यानी गली के पास होती है। ऐसे में इस कॉर्नर सीट के लिए A  का इस्तेमाल होता है। अगर एक लाइन में दो सीट होती है, तो एक सीट विंडो सीट होती है और दूसरी सीट ASile सीट होती है।
अन्य सीटों के लिए क्या होता है इस्तेमाल?- वहीं, पैसेंजर ट्रेन, जिनमें सोने के लिए बर्थ लगी होती है, उन ट्रेन में विंडो सीट नहीं होती है। इसमें लॉअर, मिडिल और अपर के हिसाब से सीट बंटी होती है. इसमें जो सबसे नीचे वाली सीट होती है वो लॉअर बर्थ (LB) होती है, बीच वाली मिडिल बर्थ (MB) और सबसे ऊपर वाली अपर बर्थ (UB) कहलाती है।
कोच के लिए भी होता है कोड- इसी तरह आप कोड के जरिए बता कर सकते हैं कि कौनसा कोच है। इसमें 1A का मतलब फर्स्ट एसी है। 2A का मतलब सेकेंड एसी, 3A का मतलब थर्ड एसी है. वहीं, CC का मतलब चेयर कार। EC का मतलब एग्जीक्यूटिव चेयर कार, SL मतलब स्लीपर क्लास, 2S मतलब सेकेंड सिटिंग होता है।