Vistadome Train : ट्रेन मेें बैठे छत से देखें बर्फ-बारिश का नजारा

रेलवे ने कालका-शिमला मार्ग पर सात बोगियों वाली विस्टाडोम ट्रेन शुरू की
-श्याम मारू-
चंडीगढ़।
रेलवे ने विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला मार्ग पर शीशे की छत वाली सात बोगियों की विस्टाडोम ट्रेन (Vistadome Train) बुधवार को शुरू कर दी। कालका स्टेशन पर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि गुब्बारों से सजी लाल रंग की विस्टाडोम ट्रेन (Vistadome Train) हरियाणा के कालका स्टेशन से सुबह करीब सात बजे रवाना हुई। अधिकारी ने बताया कि हिम दर्शन वाली विस्टाडोम ट्रेन (Vistadome Train) में 100 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता है और सर्दियों की छुट्टियों और नववर्ष के जश्न के कारण अगले कुछ दिनों के लिए सभी सीटें बुक हैं। इस साल की शुरुआत में रेलवे ने इस मार्ग पर केवल एक विस्टाडोम बोगी लगाई थी, लेकिन अच्छी प्रतिक्रिया देखते हुए अब वह पूरी ट्रेन में विस्टाडोम बोगियों में ‘शीशे की छत वाले डिब्बों’ का इस्तेमाल कर रहा है।

विस्टाडोम (Vistadome Train) पर शीशे की छत

शिमला तक इस ट्रेन में सफर करते हुए यात्री शीशे की बनी बोगियों से बर्फ और बारिश वाले बाहर के मनोहर दृश्य का आनंद उठा सकेंगे। ट्रेन में सवार होने के बाद कालका में एक परिवार ने मीडिया को बताया, पारदर्शी छतों के साथ प्रकृति का लुत्फ उठाकर काफी अच्छा लग रहा है। हम कुछ ही दिनों में लौटेंगे। आशा करते हैं कि हमें ट्रेन की यात्रा करते हुए बर्फबारी देखने का मौका मिलेगा। प्रत्येक विस्टाडोम कोच में 15 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता होगी, जिसमें दोनों तरफ पांच खिडक़ी सीटें शामिल हैं। प्रथम श्रेणी के कोच में 14 यात्री बैठ सकते हैं। हिम दर्शन एक्सप्रेस भारतीय रेलवे द्वारा विस्टाडोम कोच वाली पहली ट्रेन होगी जो नियमित रूप से चलेगी। ट्रेन यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) और विभिन्न अन्य ऑनलाइन मोड के माध्यम से व्यक्तिगत सीट चार्टर सेवाओं की अवधारणा का पालन करेगी। जहां हिम दर्शन एक्सप्रेस सुबह 7 बजे कालका स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेगी, वहीं यह ट्रेन दोपहर 12.55 बजे शिमला पहुंचेगी। वन-वे यात्रा को पूरा करने में 5 घंटे 25 मिनट का समय लगेगा। लौटते समय, ट्रेन दोपहर 15.50 बजे शिमला से रवाना होगी और रात 21.15 बजे कालका पहुंचेगी। भारतीय रेलवे ने दावा किया कि यह शिमला और कालका के बीच सबसे छोटा रास्ता है।