vistadome coach : सीट घूमेगी 360 डिग्री, छत से दिखेगा आरपार का नजारा

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-विस्टाडोम कोच (vistadome coach) से यात्रा होगी रोमांचक
-श्याम मारू-
बीकानेर। भारतीय रेलों का सफर खूबसूरत और रोमांचक होने वाला है। चलती ट्रेन से बाहर का नजारा देखने के लिए विशालकाय कांच की खिड़कियां। छत पर आरपार देखने की सुविधा। ये सब सम्भव हुआ है विस्टाडोम कोच (vistadome coach) की मदद से। विस्टाडोम कोच (vistadome coach) वाली ट्रेनों को चुनिंदा रूट पर चलाया जाएगा। हाल ही विस्टाडोम कोच (vistadome coach) की ट्रेन का 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड पर ट्रायल किया है। जिन रूट पर इस ट्रेन को चलाया जाएगा उनमें दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (Darjeeling Himalayan Railway), नीलगिरि माउंटेन रेलवे (Nilgiri Mountain Railway), कांगड़ा वैली रेलवे (Kangra Valley Railway), कश्मीर घाटी (Kashmir Valley), कालका-शिमला रेलवे (Kalka-Shimla Railway), मुंबई में दादर के बीच माथेरान हिल रेलवे (Matheran Hill Railway) और अराकू घाटी (Araku Valley) में मैडोगन रेलवे (Madogan Railway) शामिल है। विस्टाडोम कोच (vistadome coach) ज्यादातर पर्वतीय इलाकों में टूरिस्ट ट्रेनों में काम करते हैं और सफर को और सुंदर, आकर्षक और यादगार बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन कोच की वजह से रेलवे टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, नए vistadome tourist coaches को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई ने बनाया है। विस्टाडोम पर्यटक कोच यूरोपीय शैली के कोच हैं, जिनमें यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया हैं और ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को प्राकृतिक सौंदर्य दिखाई देता है।

 

vistadome coach 01रेल मंत्री पीयूष गोयल (rail minister piyush goyal) ने स्पीड ट्रायल रन पूरा होने की जानकारी ट्वीट कर दी है। उन्होंने विस्टाडोम कोच का एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें इसकी खासियतें बताई गई हैं। उन्होंने लिखा है, ष्इस साल के अंत से पहले, भारतीय रेल ने ब्रॉड गेज (बीजी) लाइनों के लिए पहले विस्टाडोम कोच का 180 किमी प्रति घंटे गति से ट्रायल रन सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है। ये कोच यात्रियों को यादगार, सुखद और मनोरंजक सफर उपलब्ध कराएंगे। इन कोचों में बड़े शीशे वाली साइड खिड़कियां लगाई गई हैं और शीशे की छत हैं। कोच में ऑब्जर्वेशन लाउंज और घुमाई जा सकने वाली सीटें हैं। यात्री इनकी मदद से बाहर का मनोरम दृश्यों का नजारा ले सकेंगे। जब ट्रेन टूरिस्ट लोकेशन से गुजरेगी तो शीशे की छत और शीशे की बड़ी खिड़कियों से बाहर पर्यटक आसानी से देख सकेंगे और फोटोग्राफी कर सकेंगे। वहीं घूमने वाली सीटों की मदद से वह सीट पर बैठे-बैठे ही हर तरफ का नजारा देख सकेंगें। विस्टाडोम कोच तकनीकी विशेषताओं से भी लैस हैं। इन कोच में जीपीएस-आधारित सूचना प्रणाली लगी हुई है। इसके अलावा कोच के शौचालयों में भी सिरेमिक टाइल फर्श लगा है। ये वातानुकूलित कोच भारतीय रेलवे नेटवर्क (indian railway network) पर काम करने वाले पहले प्रकार के कोच हैं। कोचों में डबल-वाइड रिक्लाइनिंग सीटें हैं जिन्हें यात्री दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने या खानपान के लिए 360 डिग्री तक घुमा सकते हैं। ये कोच वाकई खास हैं और आपकी यात्रा को चिरस्मरणीय बना देगा।

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