unexpected incident: रेलवे ने किए कई तरह के शुल्क माफ


श्याम मारू-
बीकानेर।
इन दिनों चल रहे घटनाक्रम को लेकर केन्द्र सरकार काफी संवेदनशील है। इस अवधि को “अप्रत्याशित घटना” (unexpected incident) मानकर काम किया जा रहा है। भारतीय रेलवे ने भी 22 मार्च से 14 अप्रेल, 2020 तक की अवधि को विशेष मानते हुए इस दौरान “अप्रत्याशित घटना” (unexpected incident) के अंतर्गत काम होंगे। रेलवे (railway) ने फैसला किया है कि इस विशेष अवधि के दौरान कोई भी विलम्ब शुल्क स्थान शुल्क, माल ढ़ेर लगाने का शुल्क, शेड में माल रखने का शुल्क, अवरोध शुल्क, स्थान उपयोग शुल्क आदि नहीं लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने पत्र संख्या ओएम नं.- 18/4/2020 पीपीडी दिनांक 19 मार्च, 2020 के माध्यम से स्पष्ट किया है कि, “अप्रत्याशित घटना” (unexpected incident) का अर्थ है असाधारण घटनाएं या परिस्थियां जो मनुष्य के नियंत्रण में नहीं है जैसे ईश्वरीय आपदा (प्राकृतिक आपदा)। कोरोना वायरस के फैलाव को प्राकृतिक आपदा मानना चाहिए और इसके लिए “अप्रत्याशित घटना” उपनियम का उपयोग किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि 22 मार्च, 2020 से 14 अप्रैल, 2020 तक की अवधि “अप्रत्याशित घटना” (unexpected incident) के तहत मान्य होगी और इस अवधि के दौरान निम्न में से कोई भी शुल्क नहीं लगाया जाएगा। जोनल रेलवे को परामर्श दिया गया है कि वे राज्य सरकार के प्राधिकरणों से समन्वय बनाए रखें ताकि आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लॉजिस्टिक समर्थन सुनिश्चित हो सके। इससे पहले 23 मार्च, 2020 को रेलवे बोर्ड ने निर्देश जारी किए थे कि 24 मार्च, 2020 तक की अवधि में खाली कंटेनरोंध्खाली फ्टैल वैगनों की आवाजाही के लिए कोई ढुलाई-शुल्क नहीं लगाया जाएगा। ये शुल्क हुए माफ:-1.विलम्ब शुल्क 2. स्थान शुल्क 3.माल ढेर लगाने का शुल्क 4.शेड ध्स्थान में माल रखने का शुल्क यदि निजीध्संयुक्त स्वामित्व का स्टॉक हो तो विलम्ब शुल्क 5.पार्सल ट्रैफिक पर विलम्ब शुल्क 6. पार्सल ट्रैफिक पर स्थान शुल्क 7. कंटेनर ट्रैफिक के मामले में आवरोध शुल्क 8.कंटेनर ट्रैफिक के मामले में स्थान उपयोग करने का शुल्क।