transgender : स्टेशनों पर गूंजेंगी किन्नरों की आवाज, काटेंगे रेल की टिकट

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-श्याम मारू-
बीकानेर। भारतीय रेलवे अब किन्नरों (transgender) की सेवाएं भी लेगा। रेलवे स्टेशन पर उद्घोषणा के साथ-साथ किन्नर टिकट देने से लेकर कई अन्य काम भी करेंगे। रेलवे ने ट्रांसजेन्डर (transgender) की भर्ती की है। इतना ही नहीं नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने सेक्टर 50 स्थित मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर मंगलवार को आधिकारिक रूप से ‘प्राइड स्टेशन’ (pride metro station) भी कर दिया जो उत्तर भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय को समर्पित पहला मेट्रो स्टेशन है। रेलवे ने नोएडा मेट्रो में ट्रांसजेंडर समुदाय के छह सदस्यों की भर्ती की है। ये टिकट देने, उद्घोषणा करने, टिकटों की जांच करने और हाउसकीपिंग का काम करेंगे। रेलवे में छह किन्नरों की भर्ती का यह पहला मामला ही नहीं है। इससे पहले कोच्ची मेट्रो (kochi metro) में 23 किन्नरों की भर्ती की जा चुकी है। किन्नरों की भर्ती के पीछे उद्देश्य यह है कि उन्हें भी मुख्य धारा में लाया जा सके। यह कदम ट्रांसजेंडर (transgender)समुदाय को सम्मान देने के लिए उठाया गया है। यूं भी सुप्रीम कोर्ट अप्रेल 2014 के एक अहम फैसले में ट्रांसजेंडर्स को तीसरे लिंग के रूप में पहचान दे चुका है। फैसले से पहले उन्हें मजबूरी में अपना जेंडर ‘पुरुष’ या ‘महिला’ बताना पड़ता था।

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सेक्टर 50 स्टेशन का नाम अब प्राइड स्टेशन

नोएडा के सेक्टर 50 स्टेशन का नाम अब प्राइड स्टेशन कर दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ महेश शर्मा, नोएडा से भाजपा विधायक पंकज सिंह और नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु माहेश्वरी ने स्टेशन के नए नाम का अनावरण किया जिसे पहले सेक्टर 50 स्टेशन कहा जाता था। जून माह में एनएमआरसी ने घोषणा की थी कि सेक्टर 50 मेट्रो स्टेशन को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समर्पित किया जाएगा जिसके तहत आज उक्त स्टेशन को ट्रांसजेंडर समुदाय को समर्पित कर दिया गया। इससे पूर्व नोएडा के सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन सहित एक्वा लाइन के दो मेट्रो स्टेशनों को महिलाओं को समर्पित करते हुए पिंक मेट्रो स्टेशन घोषित किया जा चुका है। इन स्टेशनों पर महिला कर्मचारी काम कर रही हैं।

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कोच्ची में 23 ट्रांसजेंडर (transgender) बने रेलकर्मी

केरल की कोच्चि मेट्रो में 23 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी नियुक्त किया गया। पहली बार देश में किसी सरकारी प्रतिष्ठान में ट्रांसजेंडरों को इस तरह नियुक्ति दी गई। इनका चयन भी आम प्रतिभागियों की तरह लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया गया। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक इन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने के बाद मौजूदा सभी 11 स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। यह पहल केरल के समाज का मानवीय पहलू सामने लाती है। जल्द शुरू होने वाली कोच्चि मेट्रो में ट्रांसजेंडर समूह के 23 लोगों को अलग-अलग पदों पर नियुक्त किया है। ये हाउसकीपिंग से लेकर टिकट काउंटर पर ये लोग काम करते दिखेंगे।

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