पूरी ट्रेन होगी स्कैन

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नई दिल्ली। आपने कागजात, लगेज, छोटे-मोटे सामान और बाॅडी को स्कैन होते हुए देखा होगा, अब ट्रेन (train) स्कैन होगी, पूरी की पूरी रेलगाड़ी। रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर स्कैनर लगाए जाएंगे, सभी कुछ ठीक चला तो वर्ष 2020 के आरम्भ में यह योजना फलीभूत हो जाएगी। इस व्यवस्था का फायदा यात्रियों के साथ-साथ आमजन को भी होगा, सूचनाएं तुरंत मिलेगी। इधर रेलगाड़ी प्लेटफार्म पर पहुंची, उधर आपके मोबाइल पर उसकी सूचना हाथो हाथ।
रेलवे बोर्ड की ओर से 41 प्रमुख-प्रमुख स्टेशनों पर डेटा लाॅगर एण्ड रिकार्डर लगाया जाएगा। जैसे ही ट्रेन (train) प्लेटफार्म पर पहुंचेगी डेटा लाॅगर पूरी ट्रेन (train) को इंजन समेत स्कैन कर लेगा। स्कैन करने के बाद यह डाटा कंट्रोल रूम भेजेगा। कंट्रोल रूम में लगा सिस्टम डाटा का तुरंत विश्लेषण कर सूचनाएं अग्रेषित कर देगा। इससे ट्रेन के चलने, कोच की सफाई, स्थिति, पूरी ट्रेन में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या अन्य फीडेड जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे ट्रेन संचालन से जुड़ी तमाम सही जानकारियां उपलब्ध करवाई जा सकेगी।

मैन्युअल होते हैं काम

अभी रेलवे में सभी कार्य मैन्युअल होते हैं। कोच में खराबी या फाॅल्ट पकड़ने के लिए यार्ड व प्लेटफार्म पर कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। इंजन के पीछे कौनसा डिब्बा लगाया गया है, इसकी नोटिंग करने के लिए भी कर्मचारी तैनात किया जाता है। इसी प्रकार कोच की सफाई, एयर कंडीशनर की खराबी, आदि के लिए अलग से कर्मचारी हैं जो ट्रेन के यार्ड व प्लेटफार्म पर आने के समय नजर रखकर पता लगाते हैं। कोच की सफाई और एसी की खराबी की सूचना तो यात्री देते हैं, जिसके बाद ही उसे दुरूस्त करने की कार्यवाही की जाती है। कईबार देरी से सूचना के कारण समयाभाव के कारण सभी काम नहीं हो पाते और यात्रियों को परेशानी होती है। अब डेटा लाॅगर सिस्टम चालू होने के बाद प्लेटफार्म पर आते ही सभी चीजों की जानकारी मिल जाएगी और अपेक्षाकृत ज्यादा तेजी से काम किया जा सकेगा।

कंट्रोल रूम से जुड़ेगा सिस्टम

प्लेटफार्म पर लगने वाला डेटा लाॅगर को आप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। कंट्रोल रूम का सिस्टम ही यात्रियों, अधिकारियों और इंटरनेट तक सूचनाएं पहुंचाएगा। इस व्यवस्थाके चालू होने के बाद मैनुअल सिस्टम को बंद कर दिया जाएगा।

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