new rail line: तीन नई रेल परियोजनाओं को हरी झंडी

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उत्तर प्रदेश में दो और असम में एक नई रेल लाइन
-रेल परियोजनाओं को मंमिण्डल समिति की मंजूरी
-श्याम मारू-(Delhi Bureau Chief)

नई दिल्ली,। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में दो और असम में एक नई रेल लाइन (new rail line) परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी। नई रेल लाइन (new rail line) से अतिव्यस्त दिल्ली-कोलकाता मार्ग पर यातायात के दबाव को कम करने और पूर्वोत्तर के राज्यों तक आसान पहुंच में मदद मिलेगी। सीसीईए ने इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (पहले मुगलसराय) रेलमार्ग पर 150 किलोमीटर लंबी तीसरी नई रेल लाइन (new rail line) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। कुल 2,890 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह रेल परियोजना 2023-24 तक पूरी हो जाएगी। परियोजना का क्रियान्वयन उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा किया जाएगा।

इलाहाबाद-मुगलसराय तीसरी रेल लाइन

इस रेलमार्ग पर मौजूदा क्षमता का 159 फीसदी प्रयोग हो रहा है और उम्मीद की जा रही है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षमता का प्रयोग 80 से 90 फीसदी पर आ जाएगा। इस लाइन पर दो प्रमुख पुल भी बनाए जाएंगे। इसमें से 880 मीटर लंबा पुल यमुना नदी पर बनेगा जिस पर 237 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। दूसरा पुल टोंस नदी पर बनेगा। 370 मीटर लंबे पुल पर लगभग 96 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है। रेलवे ने कहा कि परियोजना भविष्य में बढने वाले रेल यातायात से निपटने और क्षमता को बढ़ाने में मददगार होगी। वर्तमान में इस रेलमार्ग पर यात्री गाडियों और मालगाडियों पर क्षमता से अधिक दबाव है जिसके कारण कई बार गाडियों की आवाजाही में देरी होती है। इलाहाबाद और मुगलसराय के बीच तीसरी रेललाइन बनने से इस रेलमार्ग पर नैनी के समीप छिवकी में रेलगाडियों के दबाव को कम किया जा सकेगा, जिससे राजधानी दिल्ली को जोडने वाले प्रमुख रेलमार्ग पर यात्री और मालगाडियों का समय पर परिचालन किया जा सकेगा। परियोजना की निर्माण अवधि में 36 लाख कार्य दिवस के प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

सहजनवा-दोहरी घाट रेल लाइन

सीसीईए ने उत्तर प्रदेश में सहजनवा और दोहरीघाट के बीच (81.17 किलोमीटर) लंबी नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के निर्माण पर कुल 1319.75 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत आएगी। परियोजना का काम 2023-24 तक पूरा हो जाएगा। परियोजना का क्रियान्वयन उत्तर पूर्वी रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा किया जाएगा। परियोजना ऐसी जगह शुरू की गई है जो सघन आबादी, आर्थिक रूप से पिछड़े और सड़क संपर्क सुविधाओं के अभाव वाला इलाका है। प्रस्तावित परियोजना से स्थानीय लोगों को रेल संपर्क सुविधा मिलने के साथ ही लघु उद्योगों के विकास में भी मदद मिलेगी। इस रेल परियोजना की निर्माण अवधि के दौरान 19.48 लाख कार्य दिवस के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। सहजनवा से दोहरीघाट के बीच बनने वाली नई रेल लाइन का ज्यादातर हिस्सा गोरखपुर जिले और बाकी का छोटा हिस्सा मऊ जिले में पड़ता है। इंदारा-दोहरीघाट के बीच रेललाइन के दोहरीकरण को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और अब दोहरीघाट-सहजनवा के बीच नई रेललाइन बनने से गोरखपुर से अलग एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। नई रेललाइन के बनने से अब छपरा से लखनऊ के लिए गोरखपुर होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह रेल परियोजना स्थानीय पिछड़े क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी थी।

न्यू बोंगाई्रगांव-अगथोरी new rail line

समिति ने असम में न्यू बोंगाईगांव-अगथोरी वाया रंगिया की 142.97 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण की भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2248 करोड़ रुपए है। परियोजना 2022-23 तक पूरी होगी। इस लाइन पर 131 पुल होंगे और यह गुवाहाटी एवं दिल्ली के बीच यातायात में लगने वाले समय को कम करेगी। परियोजना से पूर्वोत्तर क्षेत्र में बढ़ता यातायात सहज होगा तथा प्रस्तावित डबल लाइन सेक्शन से आवाजाही में समय की बचत होगी। इस परियोजना से निर्माण कार्य के दौरान लगभग 34.31 लाख मानव दिवस के लिए रोजगारसृजन होगा।

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