train accidents : भारत में पहली बार इस सिस्टम से रुकेगी ट्रेन दुर्घटनाएं

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-ट्रेन दुर्घटनाएं (train accidents) रोकने की स्वदेशी प्रणाली
-रेल संदेश ब्यूरो-
हैदराबाद। भारतीय रेलवे में पहली बार ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (Train Collision Avoidance System ,(TCAS) का प्रयोग किया है। इससे रेल दुर्घटनाएं (train accidents) रोकी जा सकेगी। यह प्रणाली पूरी तरह स्वदेशी है। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने पिछले शुक्रवार को हैदराबाद मण्डल के मुदखेड़-सिकंदराबाद खंड पर उमरी और सिवुगांव स्टेशनों के बीच 21.5 किलोमीटर की दूरी के लिए भारतीय रेलवे में पहली बार स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस) को सफलतापूर्वक चालू किया है। यह पिछले कुछ वर्षों में विकास और परीक्षण के करने के बाद एक निजी फर्म द्वारा टीसीएएस को निष्पादित किया गया है। लखनऊ में रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (rdso) के सहयोग से स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई इस प्रणाली का लिंगमपल्ली-विकाराबाद-वाडी और विकाराबाद-बीदर खण्ड के बीच, परीक्षण किया गया। टीसीएएस एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी)  Automatic Train Protection (ATP) प्रणाली है और इसे रेलवे द्वारा देश के भीतर ही विकसित किया गया है। यह एक ऐसी प्रणाली है जो रेल दुर्घटनों (train accidents) को रोकने की क्षमता रखती हे। जैसे ट्रेन द्वारा लाल सिग्नल को पार कर लेना , ट्रेन की गति को तोड़ना या चालक का ट्रेन परिचालन में विफल हो जाना आदि। ऐसी परिस्थितियों में स्वचालित ब्रेक सिस्टम काम करना शुरू कर देगा और सम्भावित दुर्घटना पर अंकुश लगा देगा। यह सिस्टम नाॅन-इंटरलॉक या नाॅन-सिग्नल वाले क्षेत्र में भी अन्य टक्कर वाली सम्भावित परिदृश्यों को भी रोकेगा और यह रियल टाइम डिस्पले के माध्यम से केबिन के अंदर ही लोको पायलट की सहायता प्रदान करेगा।
पूरे भारतीय रेलवे में लागू होगी यह प्रणाली
सिस्टम के सफल कार्यान्वयन के बाद, रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को टीसीएएस परियोजना को लागू करने की सलाह दी है। दक्षिण मध्य रेलवे ने मनमाड-नांदेड़-सिकंदराबाद-डोन-गुंटाकल और बीदर-परली-परभणी खंडों के बीच 1,200 किमी के लिए इस परियोजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है। दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी राकेश ने रेल संदेश डाॅट काॅम को बताया कि इस उक्त खण्ड में पहला सेक्शन का काम पूरा कर लिया गया है।

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