theft in train: यात्री को 2.37 लाख रुपए का भुगतान करेगा रेलवे

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-उपभोक्ता आयोग के निर्देश
-रेलवे ने नहीं करवाई मामले की जांच
-राजेन्द्र एस.-

(Bureau Chief)
नई दिल्ली। शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को 2013 में एक ट्रेन में हुई चोरी (theft in train) के लिए छत्तीसगढ़ निवासी को 2.37 लाख रुपए के भुगतान का निर्देश दिया है। ट्रेन में चोरी (theft in train) की यात्री द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद भी रेलवे की ओर से कोई जांच नहीं की गई। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पश्चिम रेलवे को राजू देवी सूर्यवंशी को मुआवजा भी देने को कहा है। साथ ही इस राशि पर छह प्रतिशत की दर से देय होगा। सूर्यवंशी की शिकायत के अनुसार वह 16 जुलाई 2013 को पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रतलाम जा रही थी। यात्रा के दौरान ट्रेन मे चोरी (theft in train) हुई। शिकायत करने के बावजूद रेलवे ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

ऐसे हुई ट्रेन में चोरी (theft in train)

श्रीमती राजू देवी अपने परिवार के साथ गोवा से मध्यप्रदेश के शहर रतलाम जा रही थी। ट्रेन में यात्रा के दौरान यह चोरी हुई। चोरी हुए सामान में शामिल एक पर्स में श्रीमती राजू देवी के सोने और चांदी के आभूषण थे। जबकि दूसरे पर्स में 20 हजार रुपए की नकद राशि थी। उपभोक्ता आयोग ने कहा कि सूर्यवंशी के परिवार ने यात्रा के दौरान टिकट निरीक्षक से मौखिक शिकायत की। साथ ही औपचारिक रूप से भी प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद भी रेलवे ने ट्रेन में हुई चोरी के संबंध में कोई जांच नहीं की। एनसीडीआरसी के अध्यक्ष आर के अग्रवाल और सदस्य एम श्रीशा ने रेलवे के रवैये पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह उल्लेख करना उचित है कि टीटीई को मौखिक शिकायत की गई थी और रेलवे की ओर से किसी भी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई थी।

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