shramik express : न बुकिंग विंडो खुलेगी, न टिकट मिलेगा

-केवल राज्य सरकारें ही भेजेगी यात्रियों को
-बिना टीटीई के चलेगी श्रमिक एक्सप्रेस (shramik express)
-श्याम मारू-
बीकानेर।
देश भर में फंसे श्रमिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को अपने घर तक पहुंचाने के लिए भारतीय रेल श्रमिक एक्सप्रेस (shramik express) चला रहा है। यह ट्रेन बिना टीटीई के चलेगी। टीटीई के स्थान पर रेलवे प्रोटक्शन फोर्स (rpf) के जवान तैनात होंगे। क्रू प्वाइंट की तर्ज पर आरपीएफ जवानों की ड्यटी भी बदली जाएगी। इस श्रमिक एक्सप्रेस (shramik express) में वे ही लोग जा सकते है, जिन्होंने अपने-अपने राज्यों में आने के लिए पंजीयन करवा रखा है। रेलवे केवल पंजीकृत लोगो को ही यात्रा करने की अनुमति देगा। रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि लोग किसी भी सूरत में रेलवे स्टेशनों पर न पहुंचे। बुकिंग विंडो नहीं खोली जा रही है। वहां से कोई टिकट नहीं मिलेगा। राज्य सरकार की अनुशंसा के आधार पर ही ट्रेन में प्रवेश दिया जाएगा। किसी के व्यक्तिगत आग्रह को स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रमिक एक्सप्रेस (shramik express)को लेकर काफी भ्रांतियां फैलाई जा रही है। इन भ्रांतियों से दूर रहें।

1-श्रमिक दिवस पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू की गई। पहली ऐसी विशेष ट्रेन को शुक्रवार तड़के 4.50 बजे हैदराबाद से हतिया, झारखंड के लिए रवाना हुई थी। 2- पहले दिन कुल छह विशेष ट्रेन चलाई गई जिसमें लिंगमपल्ली से हतिया, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से लखनऊ, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हतिया तक ट्रेन चली। 3-लााॅक डाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य कर्मियों को को राज्य सरकार की अनुशंसा पर यात्रा करवाई जाएगी।

4-ये विशेष ट्रेनें प्वाइंट टू प्वाइंट चलेगी, अर्थात रवानगी से लेकर अंतिम स्टेषन पर पहुंचने तक बीच मे किसी भी स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इस दौरान सोशियल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी तरह किया जाएगा। 5-इसमें दो राज्यों की भूमिका रहेगी, एक यात्रियों को भेजने का प्रबंध करेगा, दूसरा राज्य यात्रियों के पहुंचने पर उनकी स्क्रीनिंग व क्वारेंटाइन की व्यवस्था करेगा। 6-रेलवे और संबंधित राज्य सरकारों को इन विशेष ट्रेनों के सामान्य संचालन में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।

7- ट्रेन के प्रस्थान के समय यात्रियों का स्वास्थ्य निरीक्षण किया जाएगा, और केवल स्वस्थ यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। 8-इन लोगों को सामाजिक सुरक्षा नियमों और अन्य आवश्यक उपायों के अनुसार सैनिटाइज्ड बसों में ट्रेन की रवानगी से पहले स्टेशन पर ले जाना होगा। प्रत्येक यात्री को फेस मास्क अवश्य पहनना चाहिए।9-रेलवे यात्रियों के सहयोग से सोशियल डिस्टंेंसिंग और सैनिटाइजेशन करने का प्रयास करेगा।

10-प्रस्थान स्टेशन पर भेजने वाले राज्यों द्वारा यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। लंबे मार्गों पर,यात्रा के दौरान रास्ते में रेलवे की ओर से एक भोजन प्रदान किया जाएगा। 11-गंतव्य पर पहंुचने के बाद वहां की राज्य सरकार को आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग करने की सभी व्यवस्था करनी होगी और यदि आवश्यक हो, तो संदिग्ध यात्रियों को आइसोलेट करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर आगे की यात्रा के लिए सम्बंधित राज्य को ही व्यवस्था करनी होगी।