Rti : 2019 में 3,000 से अधिक ट्रेनें रद्द हुईं

नई दिल्ली। भारतीय रेल नेटवर्क में रखरखाव कार्यों के कारण पिछले साल 3,000 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया, जो 2014 के बाद से सबसे अधिक है। आरटीआई (Rti)के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में भारतीय रेलवे ने यह जानकारी दी। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, यह दर्शाता है कि रेलवे ने बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य और विकास परियोजनाएं शुरू की हैं, जो पूरी होने पर नेटवर्क को अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाएगी।  रेलवे ने अपने उत्तर में कहा कि 2014 में, रखरखाव कार्यों के कारण 101 ट्रेनों को रद्द किया गया था, 2017 में यह संख्या बढक़र 829 और 2018 में 2,867 हो गई। 2019 में, मरम्मत कार्यों के कारण 3,146 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। यह आरटीआई (Rti) मध्य प्रदेश निवासी चंद्र शेखर गौड़ ने दायर की थी। पिछले साल एक जनवरी से 30 सितंबर के बीच 2,251 ट्रेनें रद्द की गईं, जबकि एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक 895 ट्रेनों को रखरखाव कार्यों के कारण रद्द कर दिया गया। आरटीआई (Rti) के जवाब में अधिकारियों ने बताया कि 2019 में, रेलवे ने भीड़भाड़ वाले मार्गों पर चल रही 58 अति महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं में से सात को पूरा कर लिया। इन परियोजनाओं में से एक 2018 में ही पूरी हो गई थी। उन्होंने कहा कि शेष 50 परियोजनाएं मार्च 2022 तक पूरे हो जाएंगे। एक अधिकारी ने कहा, रेलवे नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर चल रहे कार्यों के कारण ट्रेनें रद्द और विलंब हुई, लेकिन ए अति आवश्यक कार्य हैं जो काफी लंबे समय से लंबित पड़े थे।  अधिकारी ने कहा, हालांकि यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, यह एक ऐसा बोझ है जिसे पटरियों के नवीनीकरण और रखरखाव के काम के लिए हम सभी को वहन करना होगा।  अधिकारियों ने कहा कि रेलवे ने दिसंबर 2023 तक अपने नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा करने की योजना बनाई है। रेलवे अपनी क्षमता को बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में है।