RRTS :दिल्ली के लिए 180 की स्पीड से चलेगी ट्रेन

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-राजस्थान, यूपी व हरियाणा के शहरों से चलेगी
-श्याम मारू-
नई दिल्ली।
रेलवे के मामले मे भारत के कदम बढ़ते जा रहे हैं। लाॅक डाउन के दौरान रेलवे (railway)ने कई नए काम किए। रेलगाड़ियों की स्पीड बढ़ाई गई है। देश में नित नई रेलें इन्ट्रोडयूस की जा रही है। अब नया कन्सेप्ट आया है आरआरटीएस (RRTS) का। देश की पहली आरआरटीएस (RRTS) ट्रेन का फस्र्ट लुक जारी कर दिया गया है। आवास एवं शहरी मामलों अर्थात मिनीस्ट्री आॅफ हाउसिंग एण्ड अरबन अफेयर्स के सचिव और एनसीआरटीसी के अध्यक्ष दुर्गा शंकर मिश्र ने भारत की पहली आरआरटीएस ट्रेन का फस्र्ट लुक जारी किया। यहां सबसे पहले यह सवाल उठता है, ये आरआरटीएस ट्रेन क्या है। हमने तो गुड्स ट्रेन का नाम सुना है, पैसेंजर ट्रेन का नाम सुना है। इन दिनों बुलेट ट्रेन की भी बात चल रही है। अब ये आरआरटीएस ट्रेन भला क्या चीज है। आरआरटीएस का मतलब है रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)। देश की राजधानी दिल्ली को आसपास के राज्यों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह परिकल्पना की थी। एक फास्ट ट्रेन चलाई जाए जिससे दिल्ली और निकटवर्ती प्रमुख शहरों को आपस मे जोड़ा जा सके। इससे आसपास के राज्यों के लोगों का ना सिर्फ दिल्ली आना जाना आसान हो जाएगा बल्कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से कनेक्टिविटी का विश्व स्तरीय ढांचा भी तैयार हो जाएगा। इस विचार को मूर्तरूप देने के लिए कोरिडोर बनाया गया। पहला कोरिडोर बनकर तैयार है। यह मेरठ और नई दिल्ली के बीच बनाया गया। गाजियाबाद के रास्ते बने इस काॅरीडोर पर देश की पहली आरआरटीएस ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा राजस्थान व हरियाणा के शहरों को जोड़ने के लिए दो काॅरीडोर पर निर्माण कार्य चल रहा है। आरआरटीएस के लिए तीन कोरीडोर बनाए जा रहे हैं-1-दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ 2-दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी-अलवर 3-दिल्ली-पानीपत।

कैसी होगी आरआरटीएस ट्रेन

इसका रूप लगभग विदेशो में चलने वाली बुलेट ट्रेनों जैसा ही होगा। स्टेनलेस स्टील से बनी ये एयरोडायनामिक ट्रेनें हल्के होने के साथ-साथ पूरी तरह से वातानुकूलित होंगी। प्रत्येक कोच में प्रवेश और निकास के लिए ‘प्लग-इन’ प्रकार के छह दरवाजे होंगे, जो अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे, बिल्कुल मेट्रो ट्रेन की तरह। इस ट्रेन के बिजनेस क्लास कोच में ऐसे चार दरवाजे होंगे ,दोनों तरफ दो-दो। इसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। . आरआरटीएस ट्रेनों का डिजाइन नई दिल्ली के प्रतिष्ठित लोटस टेम्पल से प्रेरित है. लोटस टेम्पल में प्रकाश और वायू का प्राकृतिक प्रवाह बना रहता है। कुंछ कुछ ऐसी ही आरआरटीएस ट्रेन में तकनीक अपनाई गई हे।

अब बात करते हैं सुविधाओं की

आरआरटीएस ट्रेनों में 2 गुणा 2 आरामदायक सीटें रहेंगी। यानी दोनों तरफ दो दो सीटें। इसके अलावा यात्रियों के पैर रखने के लिए पर्याप्त जगह यानी फुल लेगरूम दिया गया है।, खड़े होकर यात्रा कर रहे लोगों के आरामदायक सफर के लिए दोनों तरफ की सीटों के बीच में पर्याप्त जगह है लगेज रखने का चैड़ाई में रैक है साथ ही मोबाइल व लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट, वाई-फाई है और अन्य यात्री-केंद्रित सुविधाएं भी होंगी। प्रत्येक ट्रेन में एक बिजनेस क्लास कोच होगा। सबसे पहले दिल्ली और मेरठ के बीच यह ट्रेन चलेगी। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इससे दिल्ली से मेरठ तक के यात्रा समय को घटाकर एक तिहाई किया जा सकेगा।