bags on wheels : अब लगेज ढोने की जिम्मेदारी रेलवे की

0
26

बैग्स ऑन व्हील्स (bags on wheels) स्कीम में सीट तक पहुंचेगा सामान
-श्याम मारू-
बीकानेर। यात्रा का नाम आते ही सबसे बड़ी टेंशन लगेज की होती है। लगेज कितना ले जाएं, कैसे ले जाएं, स्टेशन पर कुली मिलेगा या नहीं, ट्रेन में सभी लगेज कैसे चढ़ाएंगे। हालांकि ट्रेन में चढ़ने के बाद तो सारा सामान सैट हो ही जाता है। किसी का हाथोंहाथ तो किसी का सामान ट्रेन चलने के बाद घंटे-दो घंटे में सैट हो जाता है लेकिन सबसे ज्यादा टैंशन लगेज को घर से स्टेशन तक ढोना और स्टेशन से रेलगाड़ी में चढ़ाना किसी जंग से कम नहीं हैै। रेलवे अपने यात्रियों की परेशानी समझता है। इसीलिए तो अब एक नई योजना लेकर आया है रेलवे-बैग्स ऑन व्हील्स (bags on wheels)। पैलेस ऑन व्हील्स के बाद बैग्स ऑन व्हील्स स्कीम (bags on wheels)। इस योजना के तहत यात्रियों का सामान घर से स्टेशन तक लाने और गन्तव्य पर पहुंचने के बाद स्टेशन से घर तक पहुंचाने का काम रेलवे करेगा।

bags-on-wheels-scheme
ये है बैग्स ऑन व्हील्स स्कीम (bags on wheels)

अब रेलवे यात्रियों के लिए लगेज को ढोने की टेंशन को खत्म करने जा रहा है। रेलवे श्बैग्स ऑन व्हील्सश् योजना के माध्यम के माध्यम से यात्रियों की स्टेशन तक सामान ले जाने की टेंशन खत्म हो जाएगी. इस नई सुविधा के लागू हो जाने के बाद रेलवे यात्रियों के सामान को घर से स्टेशन तक पहुंचाएगा। इससे यात्रियों को अपनी सीट तक सामान ले जाने की दिक्कत से निजात मिल जाएगी। यह स्कीम गैर-किराया-राजस्व अर्जन योजना (एनआईएनएफआरआईएस) के अंतर्गत एप आधारित बैग्स ऑन व्हील्स सेवा की शुरुआत की जाएगी। फिलहाल इस सेवा की शुरुआत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली छावनी रेलवे स्टेशन, दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और गुरुग्राम रेलवे स्टेशनों पर ही उपलब्ध होगी। इसके तहत एप में दी गई जानकारी के आधार पर रेलवे यात्री के घर से उसका सामान लेकर ट्रेन में उसके कोच तक पहुंचाएगां। उत्तर और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चैधरी ने कहा कि यात्रियों को रेलवे के बीओडब्ल्यू एप (APP) पर बुकिंग करनी होगी और मांगी गई जानकारी देनी होगी। समें दी गई जानकारी के आधार पर यात्री का सामान स्टेशन से घर या घर से स्टेशनध्कोच तक पहुंचाया जाएगा। ट्रेन के स्टेशन से प्रस्थान करने से पहले सीट तक आपके सामान को पहुंचाने की जिम्मेदारी रेलवे की होगी। बेहद कम शुल्क में यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस सुविधा के लागू हो जाने के बाद वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जनों और अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों के लिए यात्रा काफी आसान और लाभदायक हो जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here