Railway Project : राष्ट्रीय परियोजनाएं 2023 तक होगी पूरी

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नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में एक दशक से भी ज्यादा समय से लंबित राष्ट्रीय महत्व वाली रेलवे परियोजनाओं (Railway Project) को 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले पांच साल में रेलवे की प्राथमिकता 50 बेहद जरूरी परियोजनाओं को पूरा करने और क्षमता बढ़ाने की है ताकि।,500 नई ट्रेनों को लाया जा सके और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं (Railway Project) को पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि इसमें शीर्ष पर उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक है जिसे राजग नेतृत्व वाली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2002 में राष्ट्रीय महत्व वाली घोषित किया था। उन्होंने बताया किये सभी परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण मुद्दों, कानूनी पेंच और कठिन इलाकों की वजह से विलंबित हुआ। एक अन्य राष्ट्रीय महत्व वाली परियोजना (Railway Project) 51.38 किलोमीटर लंबी भैरवी-सैरंग परियोजना है। इसे 2008-2009 में मंजूरी दी गई किंतु यह अभी यह पूरी नहीं हुई है। इसे पूरा करने की होने की समय सीमा अब 2023 है। नगालैंड में दीमापुर से कोहिमा (82.50 किमी) जोडने के परियोजना को पूरा करने के लिए रेलवे ने 2023 का समय तक किया है। सिक्किम के सिवोक-रंगपो को जोडने वाली परियोजना भी इस सूची में शामिल है जिसे 2008-2009 में मंजूरी दी गई लेकिन अब इसकी समय-सीमा 2023 तय की गई है।

महाकाल एक्सप्रेस को हरी झण्डी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को वाराणसी में वीडियो लिंक के माध्यम से आईआरसीटीसी की महाकाल एक्सप्रेस को रवाना करेंगे। यह ट्रेन 3 ज्योतिर्लिंग तीर्थस्थलों-वाराणसी, उज्जैन और ओंकारेश्वर को जोड़ेगी यह देश में पहली ओवरनाइट निजी ट्रेन होगी। इस रेलगाड़ी के माध्यम से लोग तीन ज्योतिर्लिंगों के एक ही यात्रा में दर्शन कर सकेंगे। रेलवे इन दिनों धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास कर रहा है। इससे राजस्व तो प्राप्त होगा ही, नागरिकों को भी देश के धार्मिक पर्यटन स्थलों पर भ्रमण करने का मौका मिलेगा।

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