Railway concession : 87,584 ने स्वतंत्रता सेनानी का लाभ उठाया

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नई दिल्ली। रेलवे रियायती  दरों   (Railway concession) पर  विभिन्न श्रेणी में लोगों को यात्रा करवा रहा है। रेलवे रियायती  दरों (Railway concession) पर पिछले तीन वर्ष में 87,584 यात्रियों ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में आरक्षण कराया।  साथ ही 041.86 करोड़ रुपए की रेल रियायत (Railway concession) का लाभ उठाया जिसमें से बड़ी संख्या 1947 के बाद पैदा हुए लोगों की थी। रेलवे वित्त संबंधी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट से यह जानकारी प्राप्त हुई है। संसद में हाल ही में पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में भारतीय रेल में यात्रियों के लिए रियायतें संबंधी खंड में कहा गया है कि मेट्रो रेल, कोलकाता को छोडक़र भारतीय रेल में किसी भी रेलगाड़ी द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं को आजीवन आधार पर प्रथम श्रेणी और एक सहयोगी को एससी 2 टियर का मानार्थ पास जारी किया जाता है। 

1041.86  करोड़ का Railway concession

लेखापरीक्षा में पाया गया कि 2015..18 के दौरान 1041.86 करोड़ रूपए की रियायत का लाभ उठाते हुए 87,584 यात्रियों ने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में रियायत कोड फ्रीडम के तहत आरक्षण कराया। इसके अलावा 62,528 यात्रियों ने उनके सहयोगियों के रूप में यात्रा करते हुए 763.58 करोड़ रूपए की रियायत का लाभ उठाया।  रिपोर्ट के अनुसार, लेखापरीक्षा में यह पाया गया कि कुल स्वतंत्रता सेनानी रियायती यात्रियों में से 21 प्रतिशत 70 वर्ष से कम आयु के थे, जो इंगित करता है कि स्वतंत्रता सेनानी रियायत उन लोगों के लिए बढ़ा दी गई थी जो 1947 के बाद पैदा हुए।   हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इनमें से कुछ स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाएं होंगी और उनके लिए अलग से कोई रियायत संहिता न होने की वजह से लेखा परीक्षा करने के लिए दी गई सूचना से उनकी संख्या का पता नहीं लगाया जा सका। इसमें कहा गया है कि 1947 के बाद पैदा हुए 1302 पुरूष यात्रियों और 1898 महिला यात्रियों को स्वतंत्रता सेनानियों की रियायत के अंतर्गत मुफ्त यात्रा की अनुमति दी गई। इसमें से 1096 पुरूष और 580 महिला यात्रियों की आयु वरिष्ठ नागरिक श्रेणी से भी कम थी। रिपोर्ट में कहा गया कि सबसे कम उम्र के जिस व्यक्ति को रियायत कोड फ्रीडम के तहत स्वतंत्रता सेनानी टिकट जारी किया गया, उसकी आयु 10 वर्ष थी।

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