Railway Board : रेलवे बोर्ड अब भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा

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कैबिनेट ने रेलवे बोर्ड (Railway Board) के पुनर्गठन, विभिन्न संवर्गों के विलय को मंजूरी दी
नई दिल्ली।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे बोर्ड (Railway Board) के पुनर्गठन को मंगलवार को मंजूरी दे दी जिसमें अब आठ की जगह अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होंगे। इसके साथ ही रेलवे के विभिन्न संवर्गों का विलय एकल रेलवे प्रबंधन प्रणाली में करने को भी स्वीकृति दे दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने को बताया कि रेलवे बोर्ड (Railway Board) का पुनर्गठन एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने कहा कि पुनगर्ठित रेलवे बोर्ड विभागों की जटिलताओं से राहत दिलाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी की वरीयता से समझैता नहीं होगा। यातायात, रोलिंग स्टॉक, ट्रैक्शन एंड इंजीनियरिंग के लिए सदस्यों की जगह नवगठित रेलवे बोर्ड (Railway Board) में परिचालन, व्यवसाय विकास, मानव संसाधन, अवसंरचना और वित्त कार्यों के लिए सदस्य होंगे। इन्हें एक केंद्रीय सेवा भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के दायरे में लाया जाएगा। भारतीय रेलवे में दो विभाग रेलवे सुरक्षा बल और चिकित्सा सेवा विभाग होंगे।

रेलवे बोर्ड (Railway Board) के सीआरबी होंगे सीईओ

रेलवे बोर्ड का नेतृत्व रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (सीआरबी) करेंगे जो मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे। इसके चार सदस्य एवं कुछ स्वतंत्र सदस्य होंगे। गत 7 एवं 8 दिसम्बर, 2019 को आयोजित दो दिवसीय ‘परिवर्तन संगोष्ठीÓ में रेल अधिकारियों की आम सहमति और व्यापक समर्थन से यह सुधार किया गया है। निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट द्वारा गठित की जाने वाली वैकल्पिक व्यवस्था की मंजूरी से डीओपीटी के साथ परामर्श कर सेवाओं के एकीकरण की रूपरेखा तय की जाएगी।रेलवे में सुधार के लिए गठित विभिन्न समितियों ने सेवाओं के एकीकरण की सिफारिश की है जिनमें प्रकाश टंडन समिति (1994), राकेश मोहन समिति (2001), सैम पित्रोदा समिति (2012) और बिबेक देबरॉय समिति (2015) शामिल हैं।

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