rail strike : फिर रेल का चक्का जाम करने की तैयारी

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लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का नोटिस
-15 जुलाई को करेंगे चालक भूख हड़ताल
-16 व 17 जुलाई को रेल का चक्का जाम

बीकानेर। भारतीय रेल चलाने वाले लोको पायलट एक बार फिर रेलवे में हड़ताल (rail strike) करने की तैयारी में हैं। लोको पायलट ने रेलवे में हड़ताल (rail strike) करने के लिए रेलवे बोर्ड को चेतावनी पत्र दे दिया है। ऑल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआईएलआरएसए) ने रेलवे बोर्ड को सौंपे पत्र में 15, 16 और 17 जुलाई 2019 को आंदोलन करने की चेतावनी दी है। एआईएलआरएसए के बैनर तले 15 जुलाई को 24 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी। मांगें नहीं मानने पर 16 व 17 जुलाई को रेल हड़ताल (rail strike) के तहत रेलगाडिय़ों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने हरकत में आते हुए सभी जोन व उत्पादन इकाइयों को हड़ताल करने वालों से सख्ती से निपटने को कहा गया है।

45 साल बाद

यदि एआईएलआरएसए अपने मंसूबों में कामयाब हुआ तो लगभग साढ़े चार दशक बाद फिर हड़ताल होगी। देश में 45 साल बाद एक बार फिर ट्रेन चक्का जाम के आसार प्रबल होते दिख रहे हैं। रेलवे के सबसे बड़े चालक संघ ने निजीकरण बंद करने समेत अन्य मांगों को लेकर चक्का जाम करने की चेतावनी रेलवे बोर्ड को दी है। सरकार ने यदि कोई हस्तक्षेप नहीं किया तो सोमवार से देशभर में रेल गाडिय़ों का चक्का जाम हो सकता है। .

रेलवे बोर्ड ने अपनाई सख्ती

रेलवे बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारियों से किसी भी हड़ताल में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी अलोक कुमार ने सभी जोनल रेलवे व उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को पत्र लिखा है। इसमें संघ की ओर से भूख हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी के मद्देनजर सख्ती से निपटने के लिए कहा गया है। साथ ही ट्रेन चलाने में बाधा उत्पन्न करने, तोडफ़ोड़, उत्पात आदि करने पर रेलवे एक्ट 1989 के सेक्शन 173, 174, 175 के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये हैं मांगें

चालक संघ की प्रमुख मांगों में प्रमुख रूप से 1980 फामूर्ले के आधार पर रनिंग अलाउंस भत्ता, सेफ्टी कमेटी की सिफारिशों को लागू करना, काम के घंटे तय करना और रेलवे बोर्ड द्वारा 100 दिनों के एजेंडे के तहत उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण, यात्री ट्रेनों को निजी ट्रेन ऑपरेटरों को सौंपने के विरोध सहित कुल सात मांगें हैं।

खमियाजा यात्रियों को

एआईएलआरएसए ने एक महीने पहले रेलवे बोर्ड को हड़ताल का नोटिस दिया था। चालक संघ और रेल प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। जिसका खमियाजा रेल यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है। यदि हड़ताल हुई तो रेलवे को कई रेलगाडिय़ों को रद्द करना पड़ सकता है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान यात्रियों को होगा।

कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

संघ के प्रवक्ता ने कहा है कि रेलवे ने आपात स्थिति घोषित करते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। हालांकि बीकानेर मण्डल में किसी भी चालक की छुट्टी रद्द नहीं की गई है, अलबत्ता भूख हड़ताल करने वाले चालकों की लिस्ट बनाई जाएगी। रेलवे बोर्ड हड़ताल को लेकर सख्त हो गया है। वर्ष 1974 में भी हड़ताल करने वाले लोको पायलट पर सख्त कार्रवाई की गई थी। रेलवे बोर्ड ने तब लगभग 2200 कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट से केस जीतने के बाद 1994 में सभी कर्मचारी नौकरी पा गए थे।

तब 13 दिनों तक रेल यातायात ठप रहा था

रेलवे में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआईएलआरएसए) काफी ताकतवर माना जाता है। एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर 1974 में एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच (13) दिन एक भी ट्रेन नहीं चलने दी थी। ऑल कैटेगरी की हड़ताल होने से पूरे देश में ट्रेन परिचालन पूरी तरह पटरी से उतर गया था। बाद में सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह हड़ताल समाप्त हुई थी। इसके बाद एसोसिएशन ने 1980 में दो बार और 1981 में एक बार फिर ट्रेन का चक्का जाम किया था, लेकिन वह सफल नहीं रहा था।

उनके नाम ऊपर भेजे जाएंगे

हमारे पास जो सूचना है, उसके अनुसार लोको पायलट 15 से 17 जुलाई तक भूखे रह कर काम करेंगे। रेल रोकने की सूचना नहीं है, बिना खाना खाए रेल चलाएंगे। रेलवे मुख्यालय से इस बारे में निर्देश दिए गए हैं कि कौन लोग इसमें शामिल होते हैं। जो लोको पायलट ‘फास्ट’ रखकर ट्रेन चलाएंगे , उनके नाम ऊपर भेजे जाएंगे।-सुरेश चन्द्र शर्मा, मण्डल यांत्रिक अभियंता , बीकानेर

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