zero based time table :10 हजार छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव होंगे बंद

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-जीरो बेस्ड टाइम टेबल (zero based time table) की तैयारी
-घाटे वाली 700 ट्रेनों को नहीं चलाएगा रेलवे
-श्याम मारू-
बीकानेर। भारतीय रेलवे जीरो बेस्ड टाइम टेबल (zero based time table) बनाने में जुटा हुआ है। इस जीरो बेस्ड टाइम टेबल (zero based time table)  के लागू होने के बाद लगभग 700 रेलगाड़ियां स्थायी रूप से बंद हो जाएगी। इसके साथ ही लगभग 10 हजार से ज्यदा स्टाॅपेज हटाए जा सकते हैं। छोटे स्टेशनों पर लम्बी दूरी की रेलगाड़ियां नहीं रुकेंगी। इससे यात्रियों को तो परेशानी होगी ही, साथ ही इन छोटे स्टेशनों पर चाय-पानी जैसे लघु वेण्डरों को भी नुकसान होगा। जीरो बेस्ड टाइम टेबल (zero based time table) को प्रायोगिक रूप से इन दिनों चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों में लागू कर इसका अध्ययन किया जा रहा है।

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एक साथ लागू होगा zero based time table

रेलवे बोर्ड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जीरो बेस्ड टाइम टेबल तो बना लिया गया है लेकिन इसे कोरोना महामारी समाप्ति के बाद ही एकसाथ लागू किया जाएगा। इसमें लम्बी दूरी की ट्रेनों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक 200 किलोमीटर तक की दूरी में नहीं रोका जाएगा। बड़ा शहर आने पर कुछ रेलगाड़ियों को अपवाद स्वरूप इस दूरी को कुछ कम किया जा सकता है। अर्थात 200 किलोमीटर तक छोटे स्टेशनों पर लम्बी दूरी की ट्रेन नहीं रुकेगी।

आठ महीनों से बंद है रेगुलर ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने 24 मार्च 2020 को सभी रेलगाड़ियों का संचालन रोक दिया था। पहले यह बताया गया था कि 12 अगस्त तक ये ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेगी। बाद में रेलवे ने कहा कि 30 सितम्बर तक सभी रेगुलर ट्रेनें नहीं चलेगी। इसके बाद रेलवे ने नियमित ट्रेनों को बंद रहने या चलाने की कोई नई तारीख घोषित नहीं की और आज तक सभी रेगुलर ट्रेनें बंद है।

स्पेशल ट्रेनों का सच

रेलवे ने सबसे पहले श्रमिक ट्रेनें चलाई। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाए गए देश व्यापी लाॅकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों, मजदूरों व अन्य लोगों को उनके राज्य में पहुंचाने के लिए इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। उसके बाद भारतीय रेलवे ने 200 स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की। उसके बाद छठ पूजा, दुर्गा पूजा, दशहरा-दीपावली पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई। हाल ही जीरो बेस्ड टाइम टेबल पर आधारित बड़ी संख्यामें स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। हकीकत में रेलवे इन स्पेशल ट्रेनों में लगभग 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा हुआ किराया वसूल रहा है। इन ट्रेनों में किसी भी प्रकार के रियायती टिकटे जारी नहीं की जा रही। इससे सीनियर सिटीजन, बीमार, अवार्डी, पत्रकार, विद्यार्थी और दिव्यांग श्रेणी के यात्रियों को किराए में रियायत नहीं मिल रहीे।

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