operating ratio : रेलवे पर भारी सातवां वेतन आयोग

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नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेल के परिचालन खर्च (operating ratio) में बढ़ोतरी से जुड़ी कैग रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में बुधवार को कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद खर्च में ज्यादा वृद्धि हुई है। संसद में पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे का परिचालन अनुपात ( (operating ratio) ) 2015..16 में 90.49 प्रतिशत और 2016..17 में 96.5 प्रतिशत रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रेल का परिचालन अनुपात (operating ratio) वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 प्रतिशत रहने का मुख्य कारण इसका संचालन खर्च बढऩा है।

पर्वतीय व सुदूर इलाकों में ज्यादा निवेश

मंत्री ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के गौरव गोगोई के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कैग की रिपोर्ट के बारे में बातें की गई हैं, लेकिन मैंने बाहर बात नहीं की। अब इस बारे में मैं सदन में बात करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने से बड़ा खर्च आया है। इसके तहत 22,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च हुई है। मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वाेत्तर, पर्वतीय और दूसरे सुदूर इलाकों में रेलवे को बड़ा निवेश करना पड़ता है। यह सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जब छठा वेतन आयोग लागू हुआ तो उस वक्त भी परिचालन खर्च में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई थी। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर परिचालन खर्च में बढ़ोतरी एक सामान्य चलन है।

जर्मनी देगा रेलवे को सहायता

केंद्रीय मंत्रिमंडल को बुधवार को रेलवे के क्षेत्र में जर्मनी और भारत के बीच आपसी सहयोग के लिए हुए समझौते की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह जानकारी दी गई। संयुक्त आशय घोषणा (जेडीआई) पर पिछले महीने हस्ताक्षर हुए थे। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, जर्मनी संघीय गणराज्य के आर्थिक मामलों तथा ऊर्जा मंत्रालय के साथ संयुक्त आशय घोषणा (जेडीआई) भारतीय रेल को रेलवे के क्षेत्र में नवीनतम विकास और ज्ञान को साझा करने का मंच उपलब्ध कराएगा। संयुक्त आशय घोषणा (जेडीआई) सूचनाओं के आदान-प्रदान, विशेषज्ञों की बैठक, सेमिनार तकनीकी दौरे तथा संयुक्त सहमति की सहयोगी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की सुविधा प्रदान करेगा। रेल मंत्रालय ने विभिन्न विदेशी सरकारों व रेलवे के साथ रेल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए समझौता घोषणा-पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोग के इन क्षेत्रों में हाई स्पीड रेल, वर्तमान रेल मार्गों पर गति तेज करना, विश्वस्तरीय स्टेशनों का विकास, भारी वजन परिचालन, रेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण आदि शामिल हैं।