general coach : जनरल कोच में चढ़ने के लिए अब मारामारी नहीं

general coach

-टोकन से मिलेगा जनरल कोच (general coach)  में प्रवेश
-बायोमेट्रिक मशीन से मिलेगा टोकन
-रेल संदेश डेस्क-
सिकंदराबाद। ट्रेन के जनरल कोच (general coach) में चढ़ने के लिए अब मारामारी नहीं होगी। न गेट पर धक्कामुक्की, न सीट रोकने के लिए झंझट। यात्रियों को जनरल कोच (general coach)  में चढ़ने के लिए टोकन लेना होगा। इस टोकन के नम्बर के आधार पर ही यात्रियों को क्रमवार जनरल कोच में प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए दक्षिण मध्य रेलवे (south central railway)  ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर पहली बार बायोमेट्रिक टोकन मशीन सेवाएं आरंभ की हैं। इस सेवा का उद्घाटन दक्षिण मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त ईश्वर राव और सिकंदराबाद के मंडल रेल प्रबंधक ए.के गुप्ता ने अन्य पदाधिकारियों के साथ किया।
बायोमेट्रिक टोकन मशीन का उद्देश्य लंबी कतारों से बचना और यात्रियों के बीच विवाद को रोककर यात्रियों को अनारक्षित डिब्बों में चढ़ने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। मशीन पहले प्रत्येक यात्री की जानकारी जैसे उनका नाम, गाड़ी नंबर, पीएनआर नंबर और गंतव्य स्टेशन दर्ज करती है। इसके बाद, यात्री की बायोमेट्रिक जानकारी जैसे कि फिंगर प्रिंट और फोटोग्राफ को कैप्चर किया जाता है। एक बार यह जानकारी हासिल हो जाने के बाद, मशीन स्वयं ही सीरियल नंबर के साथ एक टोकन जेनरेट करेगी और यात्रियों को उनके निर्धारित नंबर के अनुसार सवारी डिब्बे में चढ़ना होगा। साथ ही बॉयोमेट्रिक टोकन मशीन द्वारा संग्रहित डाटा गाड़ियों में होने वाले अपराधों का पता लगाने में उपयोगी होगी और उपद्रवियों से निपटने में सहायक रहेंगी।
इस व्यवस्था से सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें कई घंटों तक कतार में खडे रहने की आवश्यकता नहीं है। एक बार जब यात्री टोकन प्राप्त कर लेता है तो वह प्रस्थान से 15 मिनट पहले कोच तक पहुंच सकते हैं और बिना किसी परेशानी के गाड़ी में चढ़ सकते हैं। टोकन मशीन प्रणाली बोर्डिंग के समय पर कतार बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की श्रमशक्ति को कम करने में भी मदद करेगी।
दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक गजानन मल्लया ने सिकंदराबाद जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर बॉयोमेट्रिक टोकन मशीन के कार्यान्वयन में दमरे के सुरक्षा विभाग और सिकंदराबाद मंडल के पदाधिकारियों की पहल और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रणाली अनारक्षित यात्रियों को सामान्य श्रेणी के डिब्बों में चढ़ने की सुविधा प्रदान करती है और प्लेटफार्मों की भीड़ से बचने में भी मदद करती है।