मानसून के मद्दे नजर रेलवे की तैयारी

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मुम्बई। पश्चिम रेलवे(western railway) की ओर से मानसून (monsoon) के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई है। सभी ट्रेनों की सेवाओं को निर्बाध जारी रखने के लिए पश्चिम रेलवे में प्री-मानसून तैयारी कार्य जोरों पर चल रहे हैं। वसई-विरार सेक्टर में पिछले मानसून (monsoon) में अनुभव को देखते हुए, इस बार अपेक्षाकृत ज्यादा एहतियात बरते जा रहे हैं। पिछले साल मानसून के दौरान काफी नुकसान हुआ था। मानसून के दौरान ट्रेनों के सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं। पश्चिम रेलवे (western railway) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर ने बताया कि रेलवे की ओर से पुलियों की सफाई और डिसिल्टिंग, साइड-नालियों की डिसिल्टिंग की जा रही है तो हाई-पावर डीजल और इलेक्ट्रिक पंपों की व्यवस्था करना और खराब पम्पों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे का विशेष रखरखाव आदि कार्य भी इसमें शामिल हैं। पहले चरण के ये कार्य 1 जून 2019 तक पूरा हो जाएगा। 1 जून, 2019 के बादे पुल और नाले की सफाई का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।

वर्षा और बाढ़ क्षेत्रों का विश्लेषण

पश्चिम रेलवे ने अपने उपनगरीय खंड पर बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान की है। इस विश्लेषण के आधार पर, कुछ स्थानों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाएगा, जो संभावित रूप से निचाई वाले क्षेत्र हैं और उनके जलमग्न होने की संभावना है। इन क्षेत्रों की पहचान ग्रांट रोड, एल्फिंस्टन रोड, दादर, माटुंगा रोड माहिम, बांद्रा-खार, अंधेरी-जोगेश्वरी और वसई-विरार तक के खण्डों में ट्रैक व यार्ड के रूप में की गई है। पश्चिम रेलवे ने मानसून के आंकड़ों को भी संकलित किया है, जिसमें आगामी जून, 2019 से 30 सितंबर, 2019 के बीच मानसून के दौरान 4.0 मीटर से अधिक के उच्च ज्वार की तिथियों को शामिल किया गया है। यह आवश्यक होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने में मदद करेगा।

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