मानसून से पहले पश्चिम रेलवे एक्शन मोड में

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मुम्बई। पश्चिम रेलवे की ओर से मानसून (monsoon) की तैयारियों के तहत चर्चगेट-विरार उपनगरीय खंड में मौजूद 53 पुलियों में से 37 पुलियां के प्रथम राउंड का काम पूरा हो चुका है। शेष 16 पुलिया की मरम्मत कार्य एवं डिसिल्टिंग का काम आगामी 20 मई 2019 तक पूरा हो जाएगा। रेलवे और मुम्बई महानगर पालिका के अधिकारियो के जून 2019 में पहले दौर के संयुक्त निरीक्षण के बाद और अगस्त 2019 में पहले राउंडिंग के बाद प्रमुख पुलियों की सफाई की जाएगी इनमें मीठी नदी, धारावी नाला, पोइसर नाला, शामिल हैं। पश्चिम रेलवे और एमसीजीएम अधिकारियों द्वारा नालों की सफाई व डिसिल्टिंग कार्य का निरीक्षण भी किया जा रहा है।बांद्रा-खार डाउन स्लो लाइन पर हार्बर लाइनों पर माहिम यार्ड के निचले इलाकों में पटरियों की लिफ्टिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। जहां पिछले वर्षों में जल-जमाव देखा गया है। वसई-विरार खंड में 200 मिमी तक ट्रैक उठाने का काम किया जा रहा है और यह कार्य प्रगति पर है और 25 मई 2019 तक पूरा हो जाए। मैनुअल लेबर और विशेष रूप से डिजाइन किए गए विशेष स्पेशल ट्रेन की मदद से लगभग 1,60,000 क्यूबिक मीटर कचरा उठाया गया है। इससे मानसून (monsoon) के दौरान पानी की निकासी और उसके सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित बनाए रखेगी। पश्चिम रेलवे ने मरीन लाइन्स, मुंबई सेंट्रल, दादर, माटुंगा रोड, माहिम, बांद्रा, अंधेरी, बोरीवली, नालासोपारा, विरार आदि जैसे कम ऊंचाई वाले स्थानों पर लगभग 154 उच्च-शक्ति पंप स्थापित किए हैं। पश्चिम रेलवे अपने अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और स्टेशन कर्मचारियों के लिए सावधानी रखने वाली मानसून पुस्तिका लेकर आया है। इस पुस्तक में न केवल बाढ़-ग्रस्त क्षेत्रों और उच्च ज्वार की महत्वपूर्ण तिथियों का उल्लेख है, बल्कि यह ऐसी स्थितियों के लिए बरती जाने वाली सावधानियों का विवरण भी देता है। इसमें आपदा प्रबंधन, रेलवे अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और सिविल अधिकारियों जैसे वेदर ब्यूरो, हॉस्पिटल्स आदि के महत्वपूर्ण टेलीफोन नंबरों का व्यापक विवरण भी है। मानसून के दौरान ट्रेनों को चलाने को सुनिश्चित करने के लिए, ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरणों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें इन्सुलेटरों की सफाई, एफओबी आरओबी की जांच की जा रही है।

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