piyush goyal पीयूष गोयल का लक्ष्य,रेलवे में जीरो एक्सीडेंट

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नई दिल्ली। दूसरी बार रेलमंत्री बने पीयूष गोयल(piyush goyal) ने रेल मंत्री का कार्यभार सम्भालते ही काम शुरू कर दिया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल(piyush goyal) ने शुक्रवार को कार्य भार ग्रहण किया और रविवार को अवकाश के बावजूद उन्होंने रेलवे अधिकारियों से आगामी कार्य योजना के बारे में विस्तृत चर्चा की। रेल मंत्री (minister of railway) पीयूष गोयल(piyush goyal) का मानना है कि आगामी पांच साल तक सबसे बड़ी चुनौती ट्रेनों की स्पीड बढ़ाना और यात्री सुविधाओं का विस्तार करना है। इसमें भी ट्रेन सेफ्टी सबसे उपर है। पीयूष गोयल(piyush goyal) चाहते हैं भारतीय रेलवे (indian railway) में जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य हासिल किया जाए। इसके साथ-साथ नई रेल लाइनों को बिछाने के काम में तेजी लाकर ट्रेनों को रफ्तार देनी होगी। रेलवे के लिए आर्थिक संसाधन बढ़ाने के अलावा ट्रेन सेवाओं को बेहतर करना होगा। डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण को रफ्तार देकर उसे तय वक्त पर पूरा करना होगा। साथ ही आईआरसीटीसी (#irctc) को भी अब और ज्यादा अपग्रेड करना होगा।

कार्यभार किया ग्रहण

इससे पहले पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में रेल मंत्री (minister of railway) के रूप में पदभार ग्रहण किया। रेलमंत्री के अलावा गोयल को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री की भी जिम्मेदारी दी गई है। इस अवसर पर नए रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगडी चन्नाबसप्पा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (crb) बी. के. यादव और बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित थे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान भारतीय रेले ने यात्री सेवाओं और रेलवे के विभिन्न आयामों में बदलाव के कई कदम उठाए हैं। अगले पांच वर्षों के दौरान रेल की गति बढ़ाने और यात्री सुविधा को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि रेल यात्रा और माल गाड़ी के आवागमन को बेहतर बनाया जा सके। रेल को बेहतर बनाने के लिए हम उसी उत्साह से कार्य करते रहेंगे। गोयल ने कहा कि पिछले कार्यकाल के दौरान भारतीय रेल में कई सुधार किए गए हैं। भारतीय रेल में सुरक्षा बेहतर हुई है। भारत ने पहली बार ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में अधिशेष स्थिति प्राप्त की है।

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