Mahakaal Express : तीन ज्योतिर्लिंग के दर्शन एक साथ

नई दिल्ली। रेलवे की ओर से शुरू की गई महाकाल एक्सप्रेस(Mahakaal Express) में अब धार्मिक पर्यटन के साथ मौज मस्ती का भी आनंद लीजिए। महाकाल एक्सप्रेस (Mahakaal Express) को कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया था। महाकाल एक्सप्रेस (Mahakaal Express) में यात्रियों के लिए दो तरह के बुकिंग की व्यवस्था की गई है। एक में केवल लोग केवल यात्रा करसकते हैं। दूसरी व्यवस्था के तहत लोग टूर प्लान अपना सकते हैैं। इसमें ठहरने, आने-जाने और भोजन आदि की समस्त व्यवस्थाएं आईआरसीटीसी करेगा। यह व्यवस्था दोनों ओर से पैसेंजर्स को उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या-82401/02 महाकाल एक्सप्रेस (Mahakaal Express) हर मंगलवार और गुरुवार को वाराणसी के कैंट स्टेशन से दोपहर 14.45 बजे वाया सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, बीना व हृदयराम नगर होते हुए इंदौर के लिए चलेगी। अगले दिन बुधवार व शुक्रवार को सुबह 9.40 बजे यह ट्रेन इंदौर पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या-82403/04 प्रत्येक रविवार को कैंट स्टेशन से शाम 15.15 बजे चलाई जाएगी, जो प्रयागराज, कानपुर, झांसी, बीना व संत हृदयराम नगर होकर अगले दिन सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी।

शिवमय महाकाल एक्सप्रेस (Mahakaal Express)

काशी-महाकाल एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा के दौरान इसमें भगवान शिव के लिए एक सीट आरक्षित करने का मामला तूल पकड़ गया है। आईआरसीटीसी के इस कदम पर सवाल भी उठाए गए हैं।  आईआरसीटीसी का कहना है कि ट्रेन कर्मचारियों ने काशी-महाकाल एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा के दौरान पूजा करने के लिए ऊपर की एक सीट (अप्पर बर्थ) पर श्री महाकाल का फोटो कुछ समय के लिए रखा था। वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कदम पर सवाल उठाया और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को टैग करते हुए संविधान की प्रस्तावना की एक तस्वीर ट्वीट की।  रेलवे ने तीन ज्योर्तिलिंगों–ओंकारेश्वर (इंदौर के पास स्थित), महाकालेश्वर (उज्जैन) और काशी विश्वनाथ (वाराणसी)– को जोडऩे वाली ट्रेन के डिब्बे बी 5 में सीट नंबर 64 भगवान शिव के लिए आरक्षित की थी। हालांकि ट्रेन का पहला वाणिज्यिक परिचालन 20 फरवरी को होना है।  आईआरसीटीसी ने बयान में कहा, नई काशी-महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन के कर्मचारियों ने ऊपरी बर्थ पर अस्थाई रूप से भगवान शिव का फोटो रखा, ताकि नई परियोजना (नई ट्रेन और नई रैक) की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया जा सके। यह सिर्फ उद्घाटन परिचालन के लिए ही था। 20 फरवरी 2020 से शुरू हो रही इस ट्रेन की वाणिज्यिक यात्रा के दौरान इस उद्देश्य के लिए इस तरह की कोई आरक्षित या समर्पित सीट नहीं रखी जाने वाली है।