एक अक्षर से चूक गया विश्व में रेलवे स्टेशन का सबसे बड़ा नाम

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बीकानेर। कहतें हैं, नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम ही सबकुछ है। अब देखो न, सिर्फ एक अक्षर के कारण नाम होते-होते रह गया। हम बात कर रहे हैं, विश्व में रेलवे स्टेशन के सबसे बड़े (longest name of railway station) नाम की। ऐसा कौनसा (longest name of railway station) रेलवे स्टेशन हैं, जिसके नाम में सर्वाधिक अंग्रेजी भाषा के अक्षर आते हैं। तमिलनाडु के ‘पुराची थलाईवर डाॅ एम.जी. रामचन्द्रन ( Puratchi Thalaivar Dr. M.G. Ramachandran Central Railway Station) सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन’ के नाम में 57 अक्षर हैं। सिर्फ एक अक्षर की कमी के कारण वर्ल्‍ड रिकार्ड बनते-बनते रह गया। क्योंकि वेल्स के एक रेलवे स्टेशन के नाम में 58 अक्षर हैं। मेरे लिए वेल्स के इस स्टेशन का नाम हिन्दी में उच्चारण करना सम्भव नहीं हैं, यदि आप कर सकते हैं तो करलें, मैं यहां पर इस स्टेशन के नाम की अंग्रेजी भाषा में स्पेलिंग लिख रहा हूं। यदि उच्चारण कर सको तो नीचे कमेंट बाॅक्स में हिन्दी में उल्लेखितकर देना। वेल्स के रेलवे स्टेशन का नाम (longest name of railway station) हैंः-
‘Llanfairpwllgwyngyllgogerychwyrndrobwllllantysiliogogogoch’

चेन्नई सेन्ट्रल का नया नामकरण 5 अप्रेल,2019 को

इससे पहले आन्ध्र प्रदेश के वेंकटनरसिम्हाराजूवैरीपेटा (Venkatanarasimharajuvaripeta ) रेलवे स्टेशन को सबसे बड़े नाम का गौरव हासिल था। भारत में तो अब यह बड़े नाम का गौरव पुराची थलाईवर डाॅ एम.जी. रामचन्द्रन सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन को मिल चुका है, अर्थात भले ही वेल्स के रेलवे स्टेशन के नाम का रिकार्ड ब्रेक नहीं कर सका लेकिन देश में तो सबसे बड़ा नाम है जिसे अधिकांश जनता चेन्नई सेन्ट्रल के नाम से जानती है। चेन्नई सेन्ट्रल का नया नामकरण हाल ही 5 अप्रेल 2019 को किया गया है। यह नामकरण प्रसिद्ध अभिनेता व राजनेता एम जी रामचन्द्रन को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया है। चेन्नई सेन्ट्रल का नाम दूसरी बार बदला गया है। दो दशक पहले इसका नाम मद्रास सेन्ट्रल था। आईआरसीटीसी और रेलवे की वेबसाइट पर आज भी चेन्नई सेन्ट्रल का स्टेशन कोड mas है।

बेंगलूरू दूसरे, मुम्बई तीसरे स्थान पर

भारत में रेलवे स्टेशन का दूसरा सबसे बड़ा नाम क्रांंितवीर सांगोली रायन्ना बेंगलूरू सिटी (Krantivira Sangolli Rayanna Bengaluru City) है, जिसे लोग बेंगलूरू के नाम से भी जानते हैं। इस स्टेशन का नामकरण वर्ष 2015 में किया गया था। यह नाम स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश के खिलाफ लड़ने वाले प्रिंस्ले स्टेट के योद्धाओं को समर्पित है। भारतीय रेलवे में स्टेशन का तीसरा सबसे बड़ा नाम है छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (Chattrapati Shivaji Maharaj Terminus) का जिसमें 33 अक्षर आते हैं। इस स्टेशन का नया नामकरण वर्ष 2017 में किया गया जब इसमें महाराज जोड़ा गया। मुम्बईकर आज भी इसके वीटी विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से जानते हैं। चेन्नई और मुम्बई का तीन-तीन बार नाम बदला जा चुका है।

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