irctc reservation: रेलवे आरक्षण भी अब प्राइवेट लोगों को

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-आईआरसीटीसी रिजर्वेशन (irctc reservation) का मसौदा तैयार
-आरक्षण केन्द्र कर्मचारियों को बनाएंगे टीटी

-श्याम मारू-
(Special Correspondet)
बीकानेर। भारतीय रेलवे अपने आरक्षण कार्यालयों को भी निजी हाथों में सौंपने जा रहा है। निजीकण की तरफ एक और फैसला लेते हुए अब इंडियन रेलवे कैटरिंग एण्ड टूरिज्म डवलपमेंट कार्पोरेशन (irctc) को आरक्षण कार्यालयों की कमान सौंपी जा रही है। आईआरसीटीसी रिजर्वेशन सिस्टम (irctc reservation) को लेकर गम्भीर हो गया है और वह शीघ्र ही 13 हजार से अधिक यात्री आरक्षण सिस्टम यानी रेल आरक्षण कार्यालय को अपने अधिग्रहण करेगा। रेलवे बोर्ड इस योजना पर काम कर रहा है। आईआरसीटीसी ने रेल रिजर्वशेन काउंटर के अधिग्रहण की तैयारियां शुरू कर दी है। रेलवे ने आईआरसीटीसी रिजर्वेशन सिस्टम (irctc reservation) को न्यू एज टिकटिंग सिस्टम नाम दिया है। रेलवे यह भी तय कर रहा है कि नया आईआरसीटीसी रिजर्वेशन सिस्टम किस तरह काम करेगा। आईआरसीटीसी को रिजर्वेशन सिस्टम सौंपने को लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को पत्र जारी कर दिया है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद आरक्षण कर्मचारियों को टिकट चेकिंग व वाणिज्य विभाग के अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा। रेलवे के यात्री आरक्षण सिस्टम के काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रहा है। साथ ही खिड़कियों पर लंबी कतारें लगना बंद हो गई हैं। 60 से 65 फीसदी यात्री आरक्षित टिकट इंटरनेट से ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर कराने लगे हैं।

irctc reservation की तैयारियां

रेलवे में वर्तमान में 3.60 करोड़ से अधिक टिकटों की बुकिंग की जाती है। इनमें से 2.44 करोड़ से अधिक टिकट आईआरसीटीसी से की जाती है। वहीं, बाकी बुकिंग रिजर्वेरेशन काउंटर्स के द्वारा की जाती है। वर्ष 2017 में रेलवे बोर्ड ने प्लान तैयार किया था कि काउंटरों से रिजर्वेशन को पूरी तरह बंद कर दिया जाए और बुकिंग की पूरी व्यवस्था आईआरसीटीसी के हवाले कर दी जाए। लेकिन उस समय तकनीकी परेशानियों के चलते इस योजना पर अमल नहीं हो पाया था। पिछले जुलाई माह से रेलवे बोर्ड ने दोबारा आईआरसीटीसी को रिजर्वेशन काउंटर सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। अब रेलवे बोर्ड के अफसरों ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। साथ ही रेलवे आईआरसीटीसी रिजर्वेशन काउंटरों के संचालन को लेकर पूरी तैयारी करेगा। इसके अलावा अफसरों द्वारा यह भी प्लान किया जा रहा है कि काउंटर टिकटिंग की व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त कर ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था ही लागू की जाए। जैसे ही रेलवे बोर्ड द्वारा आधिकारिक आदेश जारी होंगे, उसके 90 दिन के अंदर वर्तमान में काउंटरों का सिस्टम संभालने वाली एजेंसी सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) को आईआरसीटीसी में मर्ज करना होगा।

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