साक्षात्कार: वर्कशाॅप के सामने जमीन रेलवे की, सड़क अवैध-डीआरएम

-बीकानेर मण्डल रेल प्रबंधक से रेलसंदेश डॅाट काॅम (railsandesh.com) का साक्षात्कार
क्हा, बीकानेर ईस्ट नहीं बनेगा डेस्टिनेशन, रेलवे का फोकस लालगढ़ पर
लालगढ रेलवे वर्कशाॅप (lalgarh railway workshop)के सामने बरसों पुरानी सड़क को बंद किया जाएगा। यह रेलवे की जमीन है। अब तक लोग इस रास्ते पर अवैधरूप से आवाजाही कर रहे थे। अब काम बढ़ गया है और सुरक्षा की दृष्टि से इस रास्ते को बंद किया जाएगा। यह कहना है बीकानेर के मण्डल रेल प्रबंधक संजय श्रीवास्तव (drm bikaner) का। रेलसंदेश डॅाट काॅम ने डीआएम से हुए साक्षात्कार में रेलवे के विभिन्न मुद्दों पर उनसे बातचीत की। उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया कि रेलवे को रियासतकाल में मिली जमीन का उपयोग जनता कर सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि बीकानेर ईस्ट रेलवे स्टेशन को फिलहाल नए डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने या वहां कोई ट्रेन स्टाॅपेज का कोई प्रस्ताव नहीं हैं। बीकानेर ईस्ट में वाशिंग लाइन के लिए जमीन भी नहीं हैं, अधिकांश भूमि वन विभाग की है। उसके बजाए अभी रेलवे का लालगढ़ रेलवे स्टेशन को विकसित करने पर ध्यान हैं। लालगढ़ रेलवे स्टेशन पर सैकण्ड एंट्री अर्थात रामपुरा बस्ती की तरफ टिकट उपलब्ध करवाने के लिए बुकिंग बनाई जा रही है और सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किया जा रहा है। प्रस्तुत है railsandesh.com से साक्षात्कार के प्रमुख व संक्षिप्त अंशः –

प्रश्न 1. लालगढ रेलवे वर्कशाॅप (lalgarh railway workshop)के सामने 100 साल से भी पुरानी सड़क को रेलवे बंद करने का क्या प्रस्ताव है। पिछले दो महीनों से रेलवे वर्कशाप में तीन नई रेल लाइन डालने के बाद रेलवे के अधिकारी वहां मरम्मत नहीं करवा रहे बल्कि यह कह रहे हैं कि यह सड़क अब रेलवे ने अपने कब्जे में ले ली है। हकीकत क्या है।
जवाब: -वर्कशाॅप के सामने सड़क रेलवे के परिसर में ही स्थित है। जहां तक मेरी जानकारी में है यह जमीन और सड़क रेलवे की है। इसमें कोई विवाद नहीं है। अभी लालगढ़ रेलवे वर्कशाॅप में काफी एक्सटेंशन हुआ है। इसमें वैगन का काम बढ़ गया है। अब तक 75 वैगन का काम हो रहा था, जिसे बढ़ाकर 150 किया जा रहा है। यानी अब एक महीने में 150 वैगन की मरम्मत करके उन्हें वर्कशाॅप से बाहन निकालेंगे। इसलिए वर्कशाॅप में तीन नई लाइनें डाली गई। क्योंकि वर्कशाॅप के यार्ड में एक साथ 150 वैगन की व्यवस्था करना सम्भव नहीं था, इसलिए वर्कशाॅप का विस्तार किया गया है। इन तीनों रेल लाइनें बनने के बाद वहां अनमैंड लेवल क्रासिंग की स्थिति बन गई है, जो सुरक्षा के लिए खतरा है। रेलवे ने सभी अनमैन्ड लेवल क्रांसिंग बंद करने का फैसला किया आज की तारीख भारतीय रेलवे में कोई भी अनमैन्ड लेवल क्रासिंग नहीं हैं। तो अब तक जो लोग सड़क का अनधिकृतरूप से उपयोग कर रहे थे, उसे अब उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। अनमैंड लेवल क्रासिंग का इस्तेमाल करना रेलवे ही नहीं आम आदमी के लिए भी खतरनाक हैै।
प्रश्न 2. अस्सी के दशक में इसी वर्कशाॅप में लगभग 4 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे और उनको लाने-लेजान के लिए लालगढ़-बीकानेर के बीच वक्र्समैन ट्रेन चलती थी। उस समय भी तीन लाइनों से इस वर्कशाॅप के अंदर आवाजाही होती थी लेकिन मुवमेंट के दौरान आरपीएफ का एक जवान तैनात कर दिया जाता जो लोगों को सतर्क कर देता। क्या अब ऐसा नहीं हो सकता।
जवाब-जिस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था आप बता रहे हैं, ऐसी व्यवस्था बहुत पहले रेलवे में कई लेवल क्रासिंग पर हुआ करती थी लेकिन रेल मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि धीरे-धीरे अब ऐसी सभी व्यवस्थाएं पूरे भारतीय रेलवे में समाप्त की जा चुकी है। भारतीय रेलवे में वर्ष 2024 तक मैंन्ड-अनमैन्ड दोनों प्रकार के लेवल क्रासिंग बंद कर दिए जाएंगे। आपने देखा होगा कि जहां भी रेल संचालन होता हैं, वहां या तो पब्लिक की पहुंच नहीं होती या ऐसी व्यवस्था कर दी जाती है कि वहां लोगों की आवाजाही ना हो। हमारे यहां रियासतकालीन समय से यह चला आ रहा था, लेकिन यह सदैव नहीं रह सकता।

प्रश्न 3. बीकानेर मंडल में स्वास्थ्य सेवाओ की क्या स्थिति है।
जवाब- स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी है। इसके अलावा 4 प्राइवेट अस्पतालों के साथ भी टाइ-अप कर रखा जिसमें वे रेल कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाते हैं। रेलवे अस्पताल से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में रैफर किया जाता है। इसके अलावा कुछ पैथोलोजी लैब को भी इन पैनल करके रखा हुआ हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की बीकानेर मण्डल में स्थिति काफी व्यवस्थित है और जहां जरूरत पड़ती है, हम प्राइवेट अस्पतालों की मदद लेते हैं और जोनल अस्पताल में भी मरीज को रैफर करते हैं।
प्रश्न 4. बीकानेर ईस्ट रेलवे स्टेशन को क्या नया डेस्टिनेशन बनाया जा सकता है। बीकानेर ईस्ट में नई वाशिंग लाइन का प्रस्ताव क्या भेजा गया है।
जवाब-बीकानेर ईस्ट को फिलहाल नया डेस्टिनेशन बनाने या ट्रेन स्टाॅपेज का कोई प्रस्ताव नहीं हैं। डीआरएम वाशिंग लाइन के लिए काफी भूमि की जरूरत पड़ती है और बीकानेर ईस्ट रेलवे स्टेशन के आसपास, जहां तक मुझे पता है, फोरेस्ट की जमीन है। इसलिए वहां वाशिंग लाइन नहीं बन सकती और अभी तक इसकी कोई रिक्वायरमेंट भी आई नहीं। हमारा काम बीकानेर और लालगढ से काम चल रहा था यदि ऐसा लगेगा तो विचार करेंगे। फिलहाल लालगढ़ स्थित वाशिंग लाइन का विस्तार किया गया है और उसमें पांच कोच का विस्तार दिया गया है। आज की तारीख में बीकानेर ईस्ट या लालगढ़ में नई वाशिंग लाइन बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

प्रश्न 5. बीकानेर मंडल को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कितने रूपए की आवश्यकता थी और कितने के प्रस्ताव बनाकर भेजंे गए। बजट में इस सत्र के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई।
जवाब-रेलवे की आवश्यकताओं के अनुसार दो प्रकार के बजट होते हैं। एक रेवेन्यु बजट और दूसरा कैपिटल बजट। रेेवेन्यु बजट में मिलने वाली राशि से मैंटिनेन्स, रोजमर्रा के खर्चे आदि किए जाते हैं जबकि कैपिटल बजट से विकास कार्य करवाए जाते हैं। वर्ष 2018-19 में बीकानेर मंडल की ओर से कैपिटल बजट में 233.98 करोड़ रूपए के प्रस्ताव भेजे गए थे जिनमें से 182.47 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति हुई। इस वित्तीय वर्ष में 144.64 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। हमने इस रिवाइज्ड की मांग की है और फाइनल फिगर हम आपको मार्च तक दे पाएंगे।
प्रश्न 6. बीकानेर मंडल में कुल कितने सफाई कर्मचारी के पद स्वीकृत है कितने कर्मचारी कार्यरत है । रोड साइड के स्टेशनों की सफाई की क्या व्यवस्था है।
जवाब-बीकानेर मंडल में सफाई कर्मियों का 170 का कैडर स्वीकृत है और 64 कर्मचारी कार्यरत है। 106 पद रिक्त हैं। रोड साइड के स्टेशनों पर सफाई के लिए इंडेंट सेंक्शन करके रखा हुआ है। जब-जब जरूरत पड़ती तो रोड साइड के रेलवे स्टेशनों की सफाई हम अपने कर्मचारियों से करवा लेतेे हैं लेकिन काॅलोनियों की सफाई के लिए बाहर से आउटसोर्सिंग की जाती है।
प्रश्न 7. रेलवे के निजीकरण से संरक्षा और सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा। रेलवे की ओर से 150 निजी ट्रेनों में से क्या कोई रूट बीकानेर से भी है। 50 प्रस्तावित स्टेशनों मे क्या बीकानेर मंडल का कोई स्टेशन है।
जवाब-संरक्षा रेलवे के लिए सर्वोपरि है। रेलवे संरक्षा को लेकर कभी समझौता नहीं करता। यदि कोई भी प्रस्ताव आता है तो सबसे पहले संरक्षा की दृष्टि से देखा जाता है और कहीं इसमें कुछ समझौते की गुंजाइश होती है तो वह प्रस्ताव वहीं खारिज हो जाता है। संरक्षा को लेकर कोई शंका नहीं होनी चाहिए। इन 150 निजी ट्रेनों में से बीकानेर के लिए कोई नहीं हैं और न ही 50 स्टेशनों में बीकानेर मंडल का कोई स्टेशन शामिल हैं।

प्रश्न 8. लालगढ स्टेशन पर ‘ए‘ केबिन पर स्टेशन के अनुसार स्टेशन मास्टर कार्यरत है व गार्ड व चालक की डूयुटी का बदलना भी होता है । इस ‘ए‘ केबिन को पूर्ण स्टेशन के रुप मे विस्तार कर रेल यात्रियों को भी सुविधा देने के क्या प्रस्ताव है।
जवाब-स्टेशन मास्टर की पोस्ट पहले होती थी। स्टैण्डर्ड-2 की प्रणाली लागू होने के बाद स ेअब वहां स्टेशन मास्टर की पोस्ट नहीं है, अब पैनल के माध्यम से प्रणाली आॅपरेट हो रही है। क्रू और गार्ड इसलिए चैंज होता है वहां से लालगढ बाइपास की तरफ रेल संचालन आरम्भ होता है। वहां ऐसा कोई स्टेशन बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
प्रश्न 9. आपके बीकानेर मंडल पर कार्यग्रहण के बाद बीकानेर मंडल के आॅपरेटिंग रेशियों मे क्या बदलाव आया एंव आपने कितनी राशि की बचत की उसका विवरण देवे ।
जवाब- आॅपरेटिंग रेशियो हम डिवीजन का अलग नहीं निकालते हैं। ऐसा नहीं है कि हर डिवीजन की अकाउंटिंग अलग हो। हां, यह जरूर निकाला जाता है कि आपकी अर्निंग कितनी हुई, आपके खर्च कितने हुए। तो मैं समझता हूं बीकानेर डिवीजन ने खर्चों में कटौती की है लेकिन इस वित्तीय वर्ष में हम आय में भी पिछड़े हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है कि अनाज की ढुलाई रेलवे के मार्फत कम हो गई है। हम इसका पता लगा रहे हैं। फूड कार्पोरेशन आॅफ इण्डिया यानी एफसीआई वालों से मिटींग कर पता लगाएंगे कि वे अनाज को रेल के बजाय रोड से क्यों भेज रहे हैं। कोशिश रहेगी कि एफसीआई वालों की शिकायत दूर कर हम लोडिंग फिर से बढ़ा सकें।
प्रश्न 10. वर्ष 2019-2020 के वित वर्ष मे बीकानेर मंडल पर होने वाले विकास कार्यक्रम पर जानकारी देवे।
जवाब- बीकानेर मंडल में 101 स्टेशनों पर वाईफाई लगाए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। इससे सुरक्षा बढ़ी है। रेल यात्रा के दौरान जहरखुरानी की घटनाएं रोकने के लिए आरपीएफ और जीआरपी ने मिलकर अभियान चलाया। पिछले साल में एक भी जहरखुरानी की घटना नहीं हुई। बीकानेर मण्डल में जहरखुरानी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा चुका है। अप्रेल से अब तक 63 खोए हुए बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया। प्लेटफार्म पर घूम रहे ऐसे बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का काम किया। साथही सभी स्टेशनों पर दिव्यांग टाॅयलेट बन गए हैं। लालगढ और हुनमानगढ में सैकण्ड एंट्री का काम सेंक्शंड हैं और लालगढ निर्माण कार्य चल रहा है। हनुमानगढ़ में निर्माण कार्य शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा।

प्रश्न 11. लालगढ रेलवे स्टेशन की सैकण्ड एंट्री के विकास की क्या योजना है।
जवाब – लालगढ रेलवे स्टेशन पर सैकण्ड एंट्री का काम चल रहा है। इसके मार्च 2020 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। वहां बुकिंग आॅफिस, आॅटो स्टैण्ड आदि का काम करवाया जा रहा है। पूरे एरिया का रिडवलपमेंट किया जा रहा हैं।
प्रश्न 12. बीकानेर से जयपुर कब तक चलेगी
जवाब- यह प्रस्ताव हैड क्वार्टर के पास विचारधीन है। इसमें दो तीन प्रस्ताव चल रहे हैं। अभी इसे टाइम टेबल में भी एडजस्ट किया जाना है। अभी देखते हैं। प्रस्ताव की जानकारी लेकर बताया जा सकेगा।
प्रश्न 13. बीकानेर मंडल में सभी श्रेणी में मिलाकर कुल कितने रेल कर्मचारी हैं और मंडल में कुल कितने आवास हैं। आवास हासिल करने के लिए कितने रेलकर्मचारियों ने प्राथमिकताएं लगा रखी है।
जवाब-वर्तमान में बीकानेर में 8561 कर्मचारी हैं। सभी टाइप के आवासों की संख्या 6037 है। इनमें से 1139 आवास रिक्त है। रिक्त इसलिए हैं क्योंकि कई क्वार्टर काफी पुराने बने हुए हैं। कर्मचारी खुद का मकान बना लेते हैं या कुछ कर्मचारी इन क्वार्टरों में रहना नहीं चाहते। इसलिए ये आवास रिक्त पड़े हैं।
प्रश्न 14. बीकानेर मंडल में कुल कितने अस्पताल हैं। ये अस्पताल कहां कहां है और इनमें परमानेंट चिकित्सक कितने हैं। कितने अनुबंध पर चिकित्सक हैं।
जवाब- यह आपकी बात बिल्कुल सही है कि अनुबंध पर चिकित्सकों की संख्या ज्यादा है और स्थायी चिकित्सक कम। बीकानेर मंडल में कुल अस्पतालों की संख्या 10 हैं। बीकानेर, लालगढ, सूरतगढ, हनुमानगढ़,श्रीगंगानगर, रतनगढ़, चुरू, सादुलपुर, हिसार और सिरसा। इनमें लालगढ़ में मंडल स्तरीय चिकित्सालय है। हमारे पास 8 स्थायी चिकित्सक हैं और 13 चिकित्सक अनुबंध पर रखे हुएं हैं।