indian railway. – चिकित्सा वस्तु परिवहन में पिछड़ा एनडब्ल्यूआर

0
19

बीकानेर। कोविड-19 के कारण हुए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान, भारतीय रेलवे (indian railway.) की ओर से प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा वस्तुओं का निर्बाध परिवहन किया जा रहा है। देश में कोरोनावायरस की चुनौतियों का सामना करने और प्रतिकूल प्रभावों का प्रबंधन करने में सरकार के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने के लिए, भारतीय रेलवे (indian railway.)द्वारा समय-सारणी वाली अपनी पार्सल सेवाओं के माध्यम से दवाओं, मास्क, अस्पताल की वस्तुओं और चिकित्सा के अन्य उपयोगी वस्तुओं का लगातार वितरण किया जा रहा है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रेलवे (indian railway.) ने देश के विभिन्न हिस्सों में 1,150 टन चिकित्सा वस्तुओं का परिवहन किया है। चिकित्सा वस्तुओं के परिवहन में उत्तर पश्चिम रेलवे (nwr zone)जोन पिछड़ गया है। कुल 16 से प्राप्त विवरण के अनुसार जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे चार मण्डल के बावजूद उत्तर पश्चिम रेलवे जोन चिकित्सा वस्तुओं का परिवहन करने के मामले में 11वें स्थान पर रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अब तक 8.22 टन चिकित्सा वस्तुओं का परिवहन किया है। सबसे ज्यादा 399.71 टन वस्तुओं का परिवहन कर उत्तर रेलवे प्रथम स्थान पर है। पश्चिम रेलवे 328.84 टन के साथ दूसरे और मध्य रेलवे 135.64 टन परिवहन के साथ तीसरे स्थान पर है। इसी प्रकार दक्षिण रेलवे 83.13 टन चैथे, उत्तर मध्य रेलवे 74.32 टन पांचवे, दक्षिण मध्य रेलवे 47.22 टन छठे और पश्चिम मध्य रेलवे 27.17 टन के साथ सातवें स्थान पर रहे।ः उत्तर पश्चिम रेलवे जोन से नीचे केवल पांच जोन हैं जिनमें पूर्वोत्तर रेलवे 2.88 टन, दक्षिण पूर्व रेलवे 2.82 टन, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे 2.16 टन, पूर्व मध्य रेलवे 1.28 टन और पूर्व तटीय रेलवे 1.06 टन ही परिवहन कर सके। भारतीय रेलवे (indian railway.)संकट की इस घड़ी में मानव जीवन को छू रही है। हाल ही में एक ऑटिस्टिक बच्चे के माता-पिता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मदद के लिए आग्रह किया तो उस बच्चे के लिए ऊंटनी के मलाईरहित दूध को अजमेर से मुंबई पार्सल ट्रेन के जरिए पहुंचाया गया। इसी प्रकार अजमेर में एक अन्य ऑटिस्टिक बच्चा, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था, उसके दवाइयों का स्टॉक खत्म हो गया तो उसके रिश्तेदारों ने रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया और अहमदाबाद से अजमेर के लिए पार्सल ट्रेन के माध्यम से दवाइयां पहुंचायी गईं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here