High Speed Corridor : 300 किमी की रफ्तार से चलेगी ट्रेन

High-Speed-Corridor

-हाई स्पीड कॉरिडोरों (High Speed Corridor) के लिए छह और सेक्शन चिन्हित
-हाई स्पीड कॉरिडोर की डीपीआर एक साल में होगी तैयार
-श्याम मारू-
नई दिल्ली।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव ने बुधवार को कहा कि रेलवे ने हाई स्पीड और सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोरों (High Speed Corridor) के लिए छह सेक्शन चिह्नित किए हैं जिनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एक साल में तैयार हो जाएगी। मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरिडोर पर पहले से ही निर्माण कार्य चल रहा है। हाईस्पीड कॉरिडोर (High Speed Corridor) पर ट्रेनें 300 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकती हैं, वहीं सेमी हाईस्पीड कॉरिडोर (High Speed Corridor) पर गाडय़िां 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा गति से चल सकती हैं। यादव ने कहा, हमने इन छह कॉरिडोर को चिह्नित किया है और उनकी डीपीआर सालभर में तैयार हो जाएगी। डीपीआर में इन मार्गों की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा जिनमें भूमि की उपलब्धता तथा वहां यातायात की क्षमता आदि शामिल हैं। इन सबके अध्ययन के बाद हम निर्णय लेंगे कि वे हाईस्पीड होंगे या सेमी हाईस्पीड। उन्होंने कहा कि देश के पहले हाईस्पीड कॉरिडोर (High Speed Corridor) मुंबई-अहमदाबाद पर भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना दिसंबर 2023 तक पूरी हो जाएगी। यादव ने यह भी बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का 90 प्रतिशत काम अगले छह महीने में पूरा हो जाएगा।

ये हैं हाई स्पीड कॉरिडोर (High Speed Corridor)

आम बजट से पहले संवाददाताओं से बातचीत में यादव ने कहा कि छह कॉरिडोरों में दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी (865 किलोमीटर) और दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद (886 किलोमीटर) सेक्शन शामिल हैं। अन्य कॉरिडोर में मुंबई-नासिक-नागपुर (753 किलोमीटर), मुंबई-पुणे-हैदराबाद (711 किलोमीटर), चेन्नई-बेंगलोर-मैसूर (435 किलोमीटर) और दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर (459 किलोमीटर) शामिल हैं। इन हाई स्पीड कॉरिडोर से रेल संचालन में तेजी आएगी और रेलगाडिय़ां तीव्र गति से चल सकेंगी। इससे यात्रियों को गंतव्य तक जल्दी पहुंचने में सहायता मिलेगी।