goods train: क्षमता बढ़ाने में जुटा रेलवे, हर सेक्शन में रखरखाव

-मालगाड़ी (goods train) का 50 घंटे से भी कम समय में 1634 किमी का सफर
-खाली ट्रेक पर अन्नपूर्णा मालगाड़ी का भी कीर्तिमन
-श्याम मारू-
बीकानेर।
लाॅक डाउन के दौरान भारतीय रेलवे (indian railway) अपनी क्षमता बढ़ाने में जुट गया है। हालांकि यात्री गाड़ियों का संचालन बंद है लेकिन मालगाड़ियां (goods train) पटरियों पर धड़ल्ले से दौड़ रही है। रेलवे इन्ही मालगाड़ियों पर लगाातार प्रयोग कर रहा हैै। मालगाड़ियों (goods train) की स्पीड बढ़ाने पर भी रेलवे का सबसे ज्यादा फोकस है। ऐसा ही प्रयोग करते समय रेलवे ने एक इतिहास भी रच दिया है। रेलवे ने 88 वैगन की एक मालगाड़ी (goods train) को 50 घंटे से भी कम समय में 1634 किलोमीटर दूरी की यात्रा तय कर यह ऐतिहासिक कार्य किया है। रेलवे ने सभी जोनल मुख्यालयों को निर्देश दिए थे कि लाॅक डाउन के दौरान अधिकतम रखरखाव के कार्य किए जाएं लेकिन इस दौरान सोशियल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखें। इसके बाद सभी जोन से मण्डल मुख्यालयों को दिशा निर्देश जारी किए गए। गत 25 मार्च से लागू हुए लाॅक डाउन के बाद से लगभग हर सेक्षन में मैंटीनैन्स का कार्य किया जा रहा है। सबसे प्रमुख बात इसके लिए ब्लाॅक लेने की जरूरत नहीं। मण्डल मुख्यालय से जरूरी कार्रवाई के बाद सम्बंधित सेक्शन के लाइन स्टाफ को सूचना आवश्यक है ताकि मालगाड़ी (goods train) आने-जाने के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा सके। उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मण्डलों जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर के सभी सेक्शनों में जरूरी रखरखाव का कार्य पूरा किया गया है।

49 घंटे 50मिनट में 1634 किलोमीटर का सफर

लाॅक डाउन के दौरान भारतीय रेलवे ने 88 वैगन की मालगाड़ी ‘अन्नपूर्णा’ चलाई। पंजाब के धंधरीकलां से खाद्यान्न लेकर रवाना हुई अन्नपूर्णा फ्रेट ट्रेन ने पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित न्यू जलपाई गुड़ी तक 1634 किलोमीटर का सफर मात्र 49 घंटे 50 मिनट में पूरा कर लिया। सामान्यतया इतनी दूरी को तय करने में 60 से 90 वैगन की मालगाड़ी को औसत रूप से 96 से 104 घंटे लगते हैं। इस अन्नपूर्णा मालगाड़ी ने दस राज्यों के नागरिकों के लिए रसद सामग्री पहंुचाने का काम किया है। इतनी मात्रा में रसद सामग्री पहुंचाने का काम भी पहली बार हुआ हैै।