तीन महीनें में भारतीय रेलवे के 37 रेलवे स्टेशन होंगे इको स्मार्ट

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नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को बताया है कि इको-स्मार्ट रेलवे स्टेशन (eco smart railway station) के रूप में विकसित किए जाने वाले 37 रेलवे स्टेशनों के लिए कार्य योजना तीन महीनों में लागू की जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ को केंद्र ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने इन 37
इको-स्मार्ट रेलवे स्टेशन (eco smart railway station) पर पर्यावरण प्रबंधन प्रणालियों के कार्यान्वयन की देखरेख के लिए नोडल अधिकारियों की पहचान की है। रेलवे की ओर से अधिकरण में पेश हुए अतिरिक्त सोलिसीटर जनरल पिंकी आनंद ने पीठ को बताया, वे पर्यावरण मानदंडों के लिए नियामक के रूप में भी काम करेंगे और उनके पास पॉल्यूटर पेज सिद्धांत पर क्षतिपूर्ति का मुआवजा लेने का अधिकार होगा। वसूल किए गए मुआवजे के लिए उन्हें रसीद जारी करने का अधिकार होगा और यह पूरी प्रक्रिया वेबसाइट पर डाली जाएगी। रेलवे की दलील सुनने के बाद अधिकरण ने कहा कि अगले चरण के संबंध में बाकी बचे सभी बड़े इको-स्मार्ट रेलवे स्टेशन (eco smart railway station) के लिए कार्य योजना तैयार किया जाना चाहिए और उसमें चरण-वार उपायों और इसके कार्यान्वयन की श्रेणियों का संकेत किया जाना चाहिए।

ये होगा इको स्मार्ट रेलवे स्टेशन पर

इको स्मार्ट रेलवे स्टेशन पर पूरी तरह साफ सफाई होगी। पर्यावरण का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा। इन रेलवे स्टेशनों पर पाॅलीथिन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। रेलवे स्टेशन के शौचालय स्वच्छ और साफ सुथरे रहेंगे। वहां वाटर आॅडिट व एनर्जी आॅडिट होगा। सभी रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध पानी मिलेगा। स्टेशन से निकलने वाले पानी को रिसायकिल कर छोड़ा जाएगा। साथ ही स्टेशन परिसर में कचरा नहीं मिलेगा, कचरे के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन लगाए जाएंगे। रेेेलवे स्टेशन, रेलवे यार्ड और प्लेटफार्म आदि स्थानों से अतिक्रमण हटाए जाएंगे। साथ ही इन स्टेशनों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।