aastha circuit train : ट्रेन में करें दक्षिण भारतीय मंदिरों के दर्शन

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-14 दिन का होगा आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन (aastha circuit train)  का सफर
-रेल संदेश डेस्क
बीकानेर। दक्षिण भारती मंदिरों के दर्शन के लिए भारतीय रेलवे आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन (aastha circuit train) चला रहा है। इस आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन (aastha circuit train) के माध्यम से यात्रियों को 14 दिन तक यात्रा करवाई जाएगी जिसके लिए यात्रियों को केवल स्लीपर क्लास श्रेणी के लिए 13230 रुपए देने होंगे। यह ट्रेन 31 जनवरी को रक्सौल से अपने पहले सफर पर निकलेगी। इस ट्रेन के लिए बीकानेर समेत देश के कई स्थानों से लगभग 500 लोगों ने टिकट बुक करवाए हैं। इसकी बुकिंग अभी जारी है। यह पूरी यात्रा 13 रात और 14 दिनों की होगी। इसमें शाकाहारी भोजन, पानी, ठहरने के लिए धर्मशाला, घूमने के लिए बस की व्यवस्था होगी। वहीं, प्रत्येक कोच में सिक्योरिटी गार्ड एवं टूर एस्कॉर्ट उपलब्ध रहेगा।

आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन (aastha circuit train) से करें इन मंदिरों के दर्शन

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रेलवे ने इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को 14 दिन के अंदर दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने का लक्ष्य रखा है। 31 जनवरी को रवाना होने के बाद यह ट्रेन श्रद्धालुओं को को 2 फरवरी को सबसे पहले तिरुपति के बालाजी मंदिर का दर्शन कराएगी। रक्सौल से सीतामढ़ी ,दरभंगा ,समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, मोकामा, किउल, आसनसोल के यात्रियों को लेते हुए ये ट्रेन 2 फरवरी को तिरुपति पहुंचेगी। इसके बाद मदुरई में मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर, कन्याकुमारी में कन्याकुमारी टेंपल और विवेकानंद रॉक के दर्शन कराने ले जाएंगी। वहीं, त्रिवेंद्रम में पद्मनाभस्वामी मंदिर होते हुए अंत में पुरी के जगन्नाथ मंदिर के दर्शन कराने ले जाएंगी। कोरोना वायरस को मद्देनजर रखते हुए आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन में आइसोलेशन कोच की भी व्यवस्था की जाएंगी। साथ ही, ट्रेन में डॉक्टरों की सुविधा भी होगी। इतना ही नहीं, कोविड-19 के गाइडलाइंस के नियमों को केन्द्रित करते हुए आस्था स्पेशल ट्रेन में मास्क और सैनेटाइजर की भी सुविधा मुहैया किया जाएगा।