delhi metro 4th phase: दिल्‍ली में बनेंगे छह गलियारे

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-राजेन्द्र एस,-
(Bureau Chief)

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो परियोजना के चैथे चरण (delhi metro 4th phase) के लिए अपना रूख स्पष्ट करने के लिए डीडीए को समय दिया। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि मेट्रो के चरण-चार (delhi metro 4th phase) के छह गलियारों से संबंधित कार्य के लिए मंजूरी की स्थिति के बारे में उसे बताया जाए। दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में 103.94 किलोमीटर लंबी रेल लाइन में छह गलियारे हैं। ये एयरोसिटी से तुगलकाबाद, इंदरलोक से इन्द्रप्रस्थ, लाजपत नगर से साकेत जी ब्लाक, मुकुन्दपुर से मौजपुर हैं जनकपुरी वेस्ट से आर के आश्रम और रिठाला से बवाना और नरेला-होंगे।केन्द्र ने इस साल नौ मार्च को 61.66 किलोमीटर को मंजुूरी दे दी। इसमे तीन प्राथमिकता वाले गलियारों – एयरोसिटी से तुगलकाबाद, आर के आश्रम से जनकपुरी (पश्चिम) और मुकुंदपुर से मौजपुर को 24,948.65 करोड़ रुपए की लागत से मंजूरी दी थी।

delhi metro 4th phase में 5000 करोड़ रूप्ए की राशि स्वीकृत

डीडीए के वकील ने पीठ से उस मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करने के लिए समय मांगा जिसमें पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सुझाव दिया है कि डीडीए को चरण-चार के छह गलियारों के लिए स्वीकृत राशि 5,000 करोड़ रुपए में से तीन प्राथमिकता वाले गलियारों के लिए 2,500 करोड़ रुपए देने के लिए कहा जा सकता है। डीडीए के वकील ने पीठ से कहा, हमें दो दिन का समय दिया जाए। यह वित्त का मामला है। उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई को मेट्रो के चैथे चरण में एक सौ किलोमीटर से अधिक लंबे नेटवर्क के निर्माण का काम शुरू करने का आदेश दिया। चैथे चरण में मेट्रो के विस्तार से इसमें करीब 18.6 लाख यात्रियों की रोजाना वृद्धि होने का अनुमान है। चौथे चरण (delhi metro 4th phase) में 103.94 किलोमीटर लंबी रेल लाइन में 37.01 किलोमीटर भूमिगत होगी जबकि करीब 66.92 किलोमीटर खंभों पर आधारित होगी। इस परियोजना पर करीब 46,845 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अनुसार उसका 343 किलोमीटर का नेटवर्क चालू है और रोजाना औसतन 28 लाख यात्री इसमें यात्रा करते हैं।

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