CRB : विनोद यादव पुन: रेलवे बोर्ड चैयरमैन

-सीआरबी (CRB) के रूप में नववर्ष के प्रथम दिन सम्भाला कार्यभार
-श्याम मारू-
नई दिल्ली।
भारतीय रेल विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (आईआरएसईई, 1980 बैच) के विनोद कुमार यादव ने बुधवार 1 जनवरी, 2020 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (CRB) के रूप में पदभार संभाला। उनकी सीआरबी (CRB) पद यह पुनर्नियुक्ति भारत सरकार के पदेन मुख्य सचिव के पद के समान स्तर पर की गई है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने यादव के रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (CRB) के रूप में एक वर्ष के लिए पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इसके पहले 1 जनवरी, 2019 को यादव को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (CRB) तथा भारत सरकार के पदेन मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके पूर्व यादव दक्षिण-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के पद पर थे।
अपने कार्यकाल के दौरान यादव भारतीय रेल में और प्रतिनियुक्ति पर अन्य संगठनों में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यकारी एवं प्रबंधन के पदों पर रहे हैं। यादव उत्तर रेल में मुख्य विद्युत इंजीनियर, नीति-निर्माण/कर्षण वितरण, उत्तर-पूर्वी रेल के लखनऊ मंडल में मंडल रेल प्रबंधक, और उत्तरी रेलवे के दिल्ली मंडल में अवर मंडल रेल प्रबंधक (संचालन) के पदों पर रहे हैं। विनोद कुमार यादव कई प्रमुख पदों पर रहे, जैसे-कार्यकारी निदेशक, रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाएं, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल), नई दिल्ली, समूह महाप्रबंधक (विद्युत), डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, परियोजना निदेशक, इंटरनेशनल सेंटर फॉर एडवांसमेंट ऑफ मैन्युफ्रेक्चरिंग टेक्नोलॉजी, यूनाइटेड नेशंस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (यूएनआईडीओ)। वे भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के निदेशक भी रहे हैं।
यादव तुर्की में आईआरसीओएन के उप-प्रबंधक (विद्युत) के पद पर भी रहे। वहां उन्होंने तुर्की के रेल विद्युतीकरण परियोजना के लिए नीति-निर्माण, कार्यान्वयन और परियोजना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रेलवे बोर्ड के चैयरमैन विनोद कुमार यादव को पहले ‘बेस्ट ट्रांसफॉरमेशन इनीसिएटिवÓ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी शैक्षणिक योग्याताओं में शामिल हैं-ला ट्रोब यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया से एमबीए (तकनीकी प्रबंधन), इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातक (विद्युत अभियांत्रिकी) आदि। उन्हें परियोजना प्रबंधन, सामान्य प्रबंधन, औद्योगिक नीति निर्माण, विदेश सहयोग और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, क्षेत्र आधारित अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कार्यक्रमों का प्रबंधन तथा विश्व बैंक एवं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से कोष प्रबंधन आदि का व्यापक अनुभव है।