Bullet train training center करेगा कोरोना से लड़ने में मदद

बनाया जा सकता है क्वारंटीन सेंटर
-श्याम मारू-
अहमदाबाद।
भारत में बुलेट ट्रेन तो पता नहीं कब चलेगी लेकिन इसके लिए बनाया गया प्रशिक्षण संस्थान (Bullet train training center) देश के काम आने वाला है। भारतीय रेलवे ने गुजरात के वडोदरा में बने बुलेट ट्रेन प्रशिक्षण केन्द्र (Bullet train training center) को क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नए अस्पताल और आईसीयू के लिए नवाचार करने की बात सामने आई थी। प्रधानमंत्री के नवोन्मेष के आह्वान पर रेलवे ने कई विकल्पों पर विचार किया। एक विकल्प रेलगाड़ियों को आइसोलेशन व आईसीयू वार्ड बनाने पर विचार किया गया। इस बीच बड़ोदरा स्थित मुम्बई- अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के प्रशिक्षण संस्थान (Bullet train training center) को क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव आया। रेलवे इस भवन को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज, क्वारेंटाइन और मल्टीपरपज के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रस्तावित कर सकता है।

बुलेट ट्रेन प्रशिक्षण केन्द्र में है 180 कमरे

बड़ोदरा स्थित मुम्बई- अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट के बुलेट ट्रेन प्रशिक्षण संस्थान (bullet train training center) मे कुल 180 कमरे हैं। इनमें 168 कमरे और 12 विशाल हाॅल शामिल हैं। इसमें एक साथ 334 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इसमें बिस्तरों की संख्या और ज्यादा बढ़ाई जा सकती है। भारतीय रेलवे ने स्वास्थ्य मंत्रालय को इसे अस्थायी अस्पताल के रूप में इस्तेमाल करने की पेशकश की है। भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। आने वाले समय मे और ज्यादा अस्पतालों की जरूरत पड़ सकती है। चुंकि महाराष्ट्र मे कोरोनाके मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे मे वड़ोदर स्थित यह बुलेट ट्रेन प्रशिक्षण केन्द्र वैकल्पिक अस्पताल के रूप में काम आ सकता है। वड़ोदरा महाराष्ट्र की सीमा सेसटे गुजरात राज्य में हैं और मुख्य रूट पर स्थित है।