bullet train: वड़ोदरा-अहमदाबाद के बीच नदियों पर बनेंगे 28 पुल

bullet-train

-लग गई बुलेट ट्रेन (bullet train) की बोली
-11 कम्पनियों ने लगाई बोली
नई दिल्ली।
देश की पहली बुलेट ट्रेन (bullet train) के चरणबद्ध निर्माण के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेडश् (एनएचएसआरसीएल) ने वडोदरा और अहमदाबाद के बीच लोहे के 28 पुलों और 88 किमी मार्ग सेतु के लिए तकनीकी बोली खोल दी है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन ने मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए आज दो पैकेजों की तकनीकी बोलियों को खोला। इनमें – (1) रेलवे लाइनों, नदियों, राजमार्गों, सड़क क्रॉसिंग एवं अन्य संरचनाओं (पी-4) को पार करने के लिए लोहे के 28 पुलों के लिए खरीद एवं निर्माण और (2) आनंद-नडियाड में एलिवेटेड एचएसआर स्टेशन के निर्माण सहित गुजरात के वडोदरा एवं अहमदाबाद के बीच लगभग 88 किलोमीटर मार्ग सेतु (सी-6), 5 पुल और 25 क्रॉसिंग के लिए डिजाइन एवं निर्माण की बोलियां शामिल है। इन बोलियों के साथ ही बुलेट ट्रेन (bullet train) का सपना साकार हो सकता है।

इन कम्पनियों ने लगाई बोली

लोहे के 28 पुलों (पैकेज पी-4) की खरीद एवं निर्माण के लिए बोलीदाता आठ कम्पनियों ने बोली लगाई जिनमें एक को छोड़कर शेष सभी भारतीय कम्पनियां हैं। इनमें 1) टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, 2) एफकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, 3) ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड कंसोर्टियम, 4) ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड, 5) एनसीसी लिमिटेड, 6) जेएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड और राही इन्फ्राटेक लिमिटेड, 7) आईएसजीईसी हैवी इंजीनियरिंग लिमिटेड – एम ऐंड बी इंजीनियरिंग लिमिटेड कंसोर्टियम और 8) लार्सन एंड टुब्रो – आईएचआई इन्फ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स कंसोर्टियम शामिल है। उपरोक्त में से क्रम संख्या 1 से 7 तक भारतीय कंपनियां हैं और क्रम -संख्या 8 भारतीय एवं जापानी का कंसोर्टियम है। इसके अलावा लगभग 88 किलोमीटर मार्ग सेतु और आनंद/ नडियाड स्टेशन के डिजाइन एवं निर्माण (पैकेज सी-6) के लिए बोली लगाने वाली कंपनियां इस प्रकार हैं-1-एफकॉन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, जेएमसी प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड कंसोर्टियम, 2-एनसीसी लिमिटेड, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, जे कुमार इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड – एचएसआर कंसोर्टियम 3-लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड। तीनों बोलीदाता भारतीय हैं।

28 पुलों में लगेगा 70 हजार मीट्रिक टन लोहा

लोहे के 28 पुलों के निर्माण के लिए लगभग 70,000 मीट्रिक टन इस्पात के उपयोग होने का अनुमान है। एनएचएसआरसीएल ने भारत के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए इस्पात उद्योगों को पहले ही संवेदनशील बना दिया है। इन बोलियों के खुलने के साथ ही यां एमएएचएसआर द्वारा निर्धारित कुल परियोजना के करीब 64 प्रतिशत (508 किमी में से 325 किमी) को इन तकनीकी बोलियों में कवर कर लिया गया है। इसमें 12 स्टेशनों में से (5) एचएसआर स्टेशन (वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच और आनंद-नडियाड) और सूरत में एक ट्रेन डिपो शामिल हैं। इस सप्ताह के आरंभ में एनएचएसआरसीएल ने गुजरात के वापी और वडोदरा के बीच 237 किलोमीटर मार्ग सेतु के लिए तकनीकी बोलियां खोली हैं जिसमें 4 एलिवेटेड एचएसआर स्टेशन और सूरत में एक ट्रेन डिपो शामिल हैं। इसके लिए तीनों बोलीदाताओं में सात (7) प्रमुख भारतीय बुनियादी ढांचा कंपनियां शामिल थीं।