ART: रेल हादसे के एक घंटे में 160 की स्पीड से पहुंचेगी राहत

-श्याम मारू-
बीकानेर।
भारतीय रेलवे धीरे-धीरे दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में रेलवे पुराने जमाने की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) को धीरे-धीरे हटाया रहा है। उसकी जगह रेलवे आटोमैटिक एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) को रिप्लेस कर रहा है। यह दुर्घटना राहत गाड़ी (ART) लगभग 160 किमी प्रति घंटे की उच्च गति से दौड़ेगी और हादसे वाले स्थान पर एक घंटे से भी कम समय में पहुंचने की कोशिश करेगी। रेलवे ने इन हाई स्पीड एचएस-एसपीएआरटी को बचाव बेड़े में शामिल करने का फैसला किया है। इससे पहले 110 किलोमीटर प्रति घंटे गति वाली एसपीएआरटी को धीरे-धीरे हटाया जाएगा; इससे इसके अलावा, मौजूदा बहाली क्षमता में सुधार लाने के लिए, 175 टन वाली क्रेनों की खरीदारी की जा रही है, जो भारतीय रेलवे के पास उपलब्ध मौजूदा 140 टन वाली क्रेनों से ज्यादा मजबूत और दमदार है। आपदा के दौरान कार्रवाई में तेजी लाने के लिए दुर्घटना के बाद मूल्यवान एक घंटे के समय की अवधारणा को मान्यता दी गई है। अर्थात दुर्घटना स्थल पर अधिकतम एक घंटे में बचाव कार्य शुरू हो जाए। भारतीय रेलवे के पास दुर्घटनाओं के प्रबंधन के लिए अपने संसाधनों वाली संगठित राहत प्रणाली है। इसमें 6000 से अधिक प्रशिक्षित ब्रेकडाउन स्टाफ है और 176 एआरटी, 86 मेडिकल वैन (एआरएमवी) उपलब्ध हैं जो यात्री डिब्बों का उपयोग करके बनाई गई हैं। सभी दुर्घटना राहत गाड़ियों और दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन के पूर्व निर्धारित बीट, निरीक्षण कार्यक्रम और कार्रवाई समय है। इसके अलावा विभिन्न क्षमताओं वाली 90 ब्रेक डाउन क्रेन उपलब्ध हैं। दुर्घटना राहत गाड़ियों और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरणों के सभी उपकरणों को उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर मानकीकृत किया गया है। रेलवे की ओर से खरीदी जाने वाली सामग्री विश्व स्तरीय मानक पर होगी।
आपदा प्रबंधन पर मुख्य केंद्रित क्षेत्र इस प्रकार हैंः-
-तेज कार्रवाई
-बेहतर सुविधाएं और उपकरण
-बड़ी दुर्घटनाओं में जरुरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों का विस्तार करना
-केंद्र और राज्य सरकारों की अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल
-प्रशिक्षण और तैयारी
आयात की जा रही वस्तुएँ:-
-हाइड्रोलिक री-रेलिंग उपकरण (एचआरई)
-लिफ्टिंग के लिए आपातकालीन न्यूमैटिक एयर बैग
-जनरेटर और बिजली के उपकरण
-हाइड्रोलिक बचाव उपकरण (एचआरडी)
-अग्निशमन यंत्र
-घर्षण काटने के उपकरण
-सिग्नलिंग और संचार उपकरण