पश्चिम-मध्य रेलवे की सभी यात्री ट्रेन में बायो टाॅयलेट

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जबलपुर। भारतीय रेल के पश्चिम-मध्य रेलवे जोन (डब्ल्यूसीआर wcr) ने अपनी सभी यात्री रेलगाड़ियों को जैविक शौचालयों (बायो टाॅयलेट) में बदल दिया है। पश्चिम-मध्य रेलवे जोन की ट्रेनों में कुल मिलाकर में 1756 शौचालय हैं। सभी ट्रेन में बायो टाॅयलेट लगाने की उपलब्धि हासिल करने वाला देश का यह सबसे पहला रेलवे जोन है। इसके साथ ही इस जोन की सभी ट्रेन बायो टाॅयलेट युक्त हो गई है। डब्ल्यूसीआर जोन (wcr zone) में तीन रेल मंडल जबलपुर, भोपाल और कोटा शामिल हैं। इन जैविक शौचालयों में मानव अपशिष्ट को एक टैंक में एकत्र किया जाता है। इसे एनारोबिक बैक्टीरिया द्वारा संसाधित किया जाता है। इसे मुख्य रूप से पानी और जैव-गैसों में परिवर्तित करता है। डब्ल्यूसीआर जोन की जनसंपर्क अधिकारी प्रियंका दीक्षित ने बुधवार को बताया, यह स्वास्थ्य के लिए ठीक है।

बायो टाॅयलेट से प्लेटफार्म साफ सुथरे

दीक्षित का कहना है कि इन जैविक शौचालय से प्लेटफार्म पर सफाई और स्वच्छता में सुधार हुआ है। इसके इस्तेमाल से ट्रेक और कोच का रखरखाव करने वाले कर्मचारियों को सुविधा होती है। वे अधिक कुशलता से काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत ये कदम उठाए गए हैं। रेलवे द्वारा यात्री डिब्बों में जैविक शौचालय लगाने की पहल की गई थी। दीक्षित ने डब्ल्यूसीआर जोन में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 272 स्टेशनों में से 249 में वाईफाई सुविधा शुरू की गई है। शेष स्टेशनों पर भी वाईफाई सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। जोन के प्रत्येक स्टेशन की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी माकूल की गई है। इसके अलावा यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्लेटफार्म पर आरओ प्लांट से शुद्ध पेयजल पर ध्यान दिया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा बढ़ाई गई है;

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